UP Police

कानपुर लैंबोर्गिनी हादसे के आरोपी शिवम की कोर्ट में पेशी, वकील ने दी जमानत अर्जी

कानपुर के लैंबोर्गिनी केस में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी कोर्ट में पेशी हुई है. पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को विधिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई मौजूद सबूतों और जांच के आधार पर की गई है.

आरोपी शिवम मिश्रा को छह बंगलिया रोड के पास से गिरफ्तार किया है. कानपुर ग्वालटोली थाने की पुलिस ने उसे घर से गिरफ्तार किया है. पुलिस आरोपी को कोर्ट लेकर जा रही है, शिवम मिश्रा करीब 90 घंटे से फरार था. आरोपी शिवम हादसे के बाद से कानपुर में ही था.

वहीं शिवम मिश्रा के वकील ने कोर्ट में जमानत अर्जी दी है. वकील ने कहा कि शिवम गाड़ी नहीं चला रहा था, पुलिस ने उसे गलत गिरफ्तार किया है. गाड़ी मोहन ही चला रहा था, शिवम अस्पताल में एडमिट था. पारस अस्पताल से पुलिस ने शिवम को वहां से गिरफ्तार किया है. हम कोर्ट के सामने अपनी दलील रखेंगे कि शिवम गाड़ी नहीं चला रहा था.

क्या है कानपुर का लैंबोर्गिनी हादसा
बात दें कि कानपुर में लैंबोर्गिनी कार लोगों को टक्कर मारते हुए सड़क पर चलती रही और कई लोगों को चोटें आईं. यह मामला वीआईपी रोड के ग्वालटोली इलाके में 8-9 फरवरी 2026 को हुआ था. पुलिस के अनुसार लगभग 10 करोड़ की लैंबोर्गिनी तेज रफ्तार में चलती हुई वाहन और राहगीरों से टकराई, जिससे कम से कम छह लोग घायल हुए थे.

लैंबोर्गिनी कार तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा की है. हादसे के बाद शुरुआत में पुलिस ने कार को थाने में लाकर ढकवा दिया था और अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी. जिससे मामले को लेकर काफी सवाल खड़े हुए थे.

सीसीटीवी फुटेज आने के बाद मजबूत हुआ केस
मामला हाई प्रोफाइल होने और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस पर दबाव बढ़ा और जांच तेज की गई. सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो सामने आने के बाद साफ हुआ कि कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था. इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की और अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.

आरोपी के खिलाफ निष्पक्ष की जा रही कार्रवाई- पुलिस कमिश्नर
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जा रही है. आरोपी को कोर्ट में पेश किया जा रहा है और आगे की कानूनी प्रक्रिया कानून के अनुसार पूरी की जाएगी. यह मामला अब कानून व्यवस्था, वीआईपी संस्कृति और जवाबदेही को लेकर भी बड़ा सवाल बन गया है.

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