Israel US Iran War : इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग जारी है। ऊर्जा के क्षेत्र में जंग का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। जंग अब 20वें दिन में प्रवेश कर गई है। इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान में जोरदार हमले जारी हैं। ईरान भी ड्रोन और मिसाइलों से पलटवार कर रहा है। जंग के बीच इजरायल ने ईरान में ‘साउथ पार्स’ प्राकृतिक गैस क्षेत्र के निशाना बनाया है। गैस फील्ड पर हुए हमले के बाद ईरान भड़क गया है। फिलहाल दोनों पक्षों से हमले लगातार जारी हैं। ईरान का आरोप है कि संयुक्त अरब अमीरात अमेरिका को तेहरान पर हमले के लिए अपना एयरस्पेस और आर्मी बेस का इस्तेमाल करने की इजाजत दे रहा है। ऐसे में ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से यूएई पर मुआवजा देने के लिए दबाव डालने की अपील की है।
इजरायल ने किया ईरान बुशहर परमाणु केंद्र परिसर पर हमला
इजरायली ने बृहस्पतिवार को फिर एक हवाई हमले में ईरान के बूशहर परमाणु संयंत्र परिसर के अंदर इमारत को निशाना बनाया है। यह इमारत रिएक्टर से लगभग 350 मीटर की दूरी पर थी। रिएक्टर को खुद कोई नुकसान नहीं पहुंचा और न ही कोई विकिरण रिसाव हुआ या कोई हताहत हुआ। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने हमले की पुष्टि की और चेतावनी दी कि यह परमाणु केंद्र सुरक्षा की “सबसे लाल रेखा” पार करने का जोखिम पैदा करता है। रूस ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे “अनुत्तरदायी” बताया, क्योंकि यह एक सक्रिय रिएक्टर और वहां मौजूद कर्मचारियों के बहुत करीब था।
ईरान ने कतर की रास लाफान गैस सुविधा को टरगेट किया है। गैस सुविधा में हुए भारी नुकसान के बाद कतर ने ईरानी सुरक्षा और सैन्य अटैचियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं ईरान की ओर से किए गए हमलों के बाद UAE ने अबू धाबी में हबशान गैस सुविधाओं को बंद कर दिया है, जबकि सऊदी अरब ने कहा कि उसकी 2 रिफाइनरियों पर भी हमला हुआ है। रियाद ने कहा है कि ईरान पर जो थोड़ा-बहुत भरोसा बचा था अब वो भी पूरी तरह से टूट गया है।
इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई थी। अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारी मारे गए थे। अमेरिका और इजरायल का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट करना, उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को खत्म करना और शासन को कमजोर या उखाड़ फेंकना है।
ईरानी पार्लियामेंट स्पीकर एमबी घालिबाफ ने कसा तंज, तेहरान के मिसाइलों को नष्ट करने का दावा अमेरिका के लिए उपलब्धि
ईरानी पार्लियामेंट स्पीकर एमबी घालिबाफ ने इजरायल और अमेरिका पर तगड़ा तंज कसा है। इजरायली और अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के बयानों के अनुसार, ईरान के 320% मिसाइल लॉन्चर अब तक नष्ट किए जा चुके हैं। हालांकि, ईरान लगातार उच्च गति से मिसाइलें दाग रहा है। अब दुश्मन का लक्ष्य इनमें से 500% तक को नष्ट करना है! अमेरिकी सेना के लिए यह एक अभूतपूर्व उपलब्धि है!
पश्चिम एशिया में जारी जंग पर पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से की बात
पीएम मोदी ने मिडिल-ईस्ट की जंग से पैदा हुए हालात पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर बातचीत की है। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “मैंने अपने प्रिय मित्र, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति और तनाव कम करने की तत्काल आवश्यकता के साथ-साथ संवाद और कूटनीति की ओर लौटने के बारे में बात की। हम इस क्षेत्र और उससे परे शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अपने घनिष्ठ समन्वय को जारी रखने के लिए तत्पर हैं।”
ईरान के क्लस्टर बम से हमले में इजरायली कब्जे वाले क्षेत्र में 3 फिलिस्तीनी महिलाओं की मौत
ईरानी क्लस्टर मिसाइल हमले में बेयत आवा में तीन फिलिस्तीनी महिलाओं की मौत हो गई। इस घटना को पास के असाएल में रहने वाले यहूदी निवासियों ने कैमरे में कैद कर लिया। इजरायल का कहना है कि ईरानी शासन जानबूझकर क्लस्टर मिसाइलों का इस्तेमाल करता है, जिनका उद्देश्य व्यापक स्तर पर अंधाधुंध तबाही मचाने के लिए डिज़ाइन की गई मिसाइलों से आम नागरिकों – यहूदियों और अरबों दोनों – को निशाना बनाना है।
इजरायली सेना ने नष्ट किया ईरानी हेलीकॉप्टर
इजरायली सेना ने कहा है कि उसकी सेनाओं ने ईरान के हमादान प्रांत में सनांदाज हवाई अड्डे पर एक हमले में एक Mi-17 हेलीकॉप्टर को नष्ट कर दिया है। इजरायली सेना का कहना है कि यह हमला बुधवार को हुआ, और साथ ही यह भी बताया कि हमला इजरायल की “रियल-टाइम इंटेलिजेंस” के आधार पर किया गया था।
सऊदी अरब ने नष्ट किए 8 ड्रोन
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसने 8 ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया है। मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, ये ड्रोन रियाद और पूर्वी प्रांतों में रोके गए। ईरान की ओर से लगातार सऊदी अरब को निशाना बनाते हुए हमले किए गए हैं।
कुवैती सेना रोक रही मिसाइल और ड्रोन
कुवैती सेना का कहना है कि उसकी हवाई सुरक्षा प्रणाली दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोन हमलों का सामना कर रही है। यह बयान नेशनल गार्ड के उस बयान के लगभग एक घंटे बाद आया, जिसमें उसने कहा था कि उसने कई ड्रोन मार गिराए हैं। सेना ने जनता को सुरक्षा और बचाव संबंधी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
सऊदी अरब ने दी चेतावनी, कतर ने लिया एक्शन
ईरान के हालिया मिसाइल हमलों के बाद कतर के विदेश मंत्रालय ने सख्त रुख दिखाया है। मंत्रालय ने हमले की कड़े में निंदा करते हुए कहा कि ईरान इस क्षेत्र को तबाही की ओर धकेल रहा है। यह भी कहा गया है कुछ ईरानी राजनयिकों को देश से निकाल दिया जाएगा। इसके अलावा, बुधवार को रियाद (सऊदी अरब) में एक आपातकालीन बैठक हुई, जो गुरुवार की सुबह तक जारी रही। बैठक के बाद, सऊदी विदेश मंत्री एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए, जिसमें उन्होंने ईरानियों के लिए बहुत ही कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि हालांकि अरब और इस्लामी नेता इस संघर्ष को सुलझाने के लिए सभी कूटनीतिक उपायों को आजमाएंगे, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वो सैन्य कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का सब्र असीमित नहीं है और ईरान को अरब नेताओं की बातों पर ध्यान देना शुरू कर देना चाहिए।
ट्रंप ने दी ईरान को चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर उसने फिर से कतर की एनर्जी साइट्स पर हमला किया तो ईरान में भयानक हमले होंगे। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा अमेरिका साउथ पार्स गैस फील्ड को पूरी तरह से तबाह कर देगा, इतनी ताकत और शक्ति के साथ, जितनी ईरान ने पहले कभी ना देखी होगी और ना ही अनुभव की होगी। ट्रंप ने कहा कि मैं इस हद तक हिंसा और तबाही की इजाजत नहीं देना चाहता, क्योंकि इसका ईरान के भविष्य पर लंबे समय तक असर पड़ेगा। लेकिन, अगर कतर की एनर्जी साइट्स पर फिर से हमला हुआ, तो मैं ऐसा करने में जरा भी नहीं हिचकिचाऊंगा।

