Iran US War: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिनों से चल रहे युद्ध में बुधवार से विराम लग गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 हफ्ते तक के युद्ध विराम की घोषणा करते हुए इस दौरान ईरान पर हमले नहीं करने का ऐलान किया है। इसे ट्रंप ने ईरान पर अपनी पूर्ण जीत बताया है। वहीं ईरान ने इसे अमेरिका की हार करार देते हुए अपनी जीत का दावा किया है। ईरान का कहना है कि ट्रंप ने युद्ध विराम के लिए ईरान की सभी 10 शर्तों को मान लिया है। इसलिए यह ईरान की बड़ी जीत है। ईरान की प्रेस टीवी ने इसे ईरान के सामने अमेरिका का सरेंडर करार दिया है। ईरान से लेकर इराक तक लोग जीत का जश्न मनाने सड़कों पर उतर चुके हैं। हालांकि इस युद्ध के दौरान इजरायल-अमेरिका और ईरान को भारी नुकसान हुआ है। आइये जानते हैं किसने क्या और कौन सा बड़ा नुकसान उठाया है।
ईरान को युद्ध में हुआ प्रमुख नुकसान
मानवीय हानि
युद्ध के दौरान ईरान में लगभग 2,000 से ज्यादा मौते हुई हैं। कई स्रोतों में 7,300 से भी ज्यादा मौतों का दावा किया गया है। इसमें सैकड़ों बच्चे भी शामिल हैं। वहीं 20,000 से 26000 लोगों के घायल होने का अनुमान लगाया गया है।
सैन्य नुकसान
इजरायल अमेरिका से युद्ध में ईरान ने उच्चस्तरीय लीडरशिप का भारी नुकसान उठाया है। इस दौरान उसके पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सहित 40 से 250 तक वरिष्ठ कमांडर और अधिकारी मारे गए। इसमें IRGC कमांडर, सुरक्षा सलाहकार, रक्षा अधिकारी आदि शामिल हैं। इस दौरान अमेरिका ने ईरान में सैकड़ों मिसाइल लॉन्चर नष्ट करने और ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता में 80-90% कमी आने का दावा किया। अमेरिका के अनुसार ईरानी नौसेना को भारी क्षति हुई। उसके 90% जहाज डूबे या क्षतिग्रस्त हुए। इसके साथ ही उसकी कई पनडुब्बियां और माइनलेयर नष्ट हो गए। इसके अलावा एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, सैन्य ठिकाने और हथियार उत्पादन सुविधाएं बड़े पैमाने पर नष्ट होने का दावा किया गया है।
आर्थिक नुकसान
अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान को भारी नुकसान हुआ
तेल सुविधाएं, बुनियादी ढांचा और परमाणु/सैन्य साइटों को भारी क्षति पहुंची।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से ईरान को राजस्व का भारी नुकसान हुआ।
लाखों लोग विस्थापित, पर्यावरणीय क्षति (तेल रिसाव आदि)।
ईरान के परमाणु ठिकानों पर इजरायल और अमेरिका ने 5 बार हमला किया। इससे ईरान को भारी नुकसान हुआ।
अमेरिका-इजरायल और मिडिल-ईस्ट को प्रमुख नुकसान
मानवीय हानि
ईरान के साथ युद्ध में 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए। जबकि 300 से 700 से ज्यादा के घायल होने का दावा किया गया है। मिडिल-ईस्ट के देशों को भी इस युद्ध से बड़ा आर्थिक, मानवीय और सैन्य नुकसान उठाना पड़ा। ईरान ने इजरायल के तेल-अवीव के सभी प्रमुख सरकारी दफ्तरों, परमाणु और सैन्य ठिकानों और एयरबेस व एयरपोर्ट को निशाना बनाया। इससे इजरायल को भी भारी नुकसान हुआ।
सैन्य क्षति
इस युद्ध में अमेरिका को अरबों डॉलर के सैन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हुए या पूरी तरह नष्ट हो गए। युद्ध के पहले 3-4 हफ्तों में 1.4 बिलियन डॉलर से से 2.9 बिलियन डॉलर तक का नुकसान होने का दावा किया गया है। इसमें अमेरिका के
कई F-15E स्ट्राइक ईगल, F-35, A-10, E-3 AWACS, 17+ MQ-9 रीपर ड्रोन, रिफ्यूलिंग टैंकर, हेलीकॉप्टर आदि शामिल हैं, जो क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो गए। इसके साथ ही मिडिल-ईस्ट में अमेरिका के 17 सैन्य ठिकाने क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो गए।
आर्थिक नुकसान
तमाम स्रोतों में दावा किया गया है कि युद्ध के पहले 12 दिनों में ही अमेरिका को 16.5 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। यह नुकसान अमेरिका को ईरान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी से हुआ, जिसमें मुख्यतः महंगी मिसाइलों और उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।
वैश्विक प्रभाव
इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध का वैश्विक प्रभाव यह हुआ कि इससे तेल की कीमतें काफी ज्यादा बढ़ गईं। यूरोप से लेकर दुनिया के अन्य हिस्सों में तेल-गैस और ऊर्जा का भारी संकट पैदा हो गया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से अमेरिका और विश्व अर्थव्यवस्था को सैकड़ों अरब डॉलर का अप्रत्यक्ष नुकसान भी झेलना पड़ा। इसमें अमेरिका को गोला-बारूद का भारी खर्च भी उठाना पड़ा, जिसमें टॉमहॉक, पैट्रियट आदि शामिल हैं।

