इस्लामाबाद ‘पीस टॉक’ फेल होने के बाद अमेरिका-ईरान के बीच एकबार फिर तनाव बढ़ सकता है. ईरान की नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कड़ी चेतावनी दी है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नेवी ने कहा कि होर्मुज में ‘दुश्मन’ की कोई भी गलत हरकत जानलेवा साबित होगी. नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह चेतावनी जारी की. इसके साथ ही, होर्मुज स्ट्रेट में मौजूदा स्थिति का ड्रोन निगरानी फुटेज भी शेयर किया गया.
IRGC का होर्मुज पर कंट्रोल का दावा
IRGC की नौसेना ने कहा कि होर्मुज में होने वाली सभी हलचलें और ठहराव पर ईरानी सशस्त्र बलों के पूरे कंट्रोल में है. उसने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में दुश्मन का कोई भी गलत कदम जानलेवा साबित हो सकता है. आईआरजीसी की नौसेना की यह चेतावनी उस समय आई है, जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दो दिन पहले कहा कि दो अमेरिकी वॉरशिप होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे और खाड़ी में बारूदी सुरंगें हटाने का अभियान शुरू किया. हालांकि, ईरान के मुख्य सैन्य कमान खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के इस दावे को खारिज किया.
शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को ईरान के सरकारी प्रेस टीवी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से विध्वंसक जहाजों को गुजारने का अमेरिकी सेना का प्रयास एक असफल प्रचार स्टंट साबित था, जिसे तेहरान-वाशिंगटन वार्ता के साथ जोड़कर बताया गया था. प्रेस टीवी ने अमेरिकी विध्वंसक जहाजों की पहचान यूएसएस माइकल मर्फी और यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन के रूप में की. इसके साथ ही, बयान में कहा गया कि उन्हें ईरानी नौसेना की ओर से पीछे हटने के लिए मजबूर किया गया.
सीजफायर पर US-ईरान में नहीं बनी सहमति
इसके अलावा रविवार को आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि कोई भी सैन्य जहाज जो किसी भी नाम या बहाने से होर्मुज स्ट्रेट के करीब आने की कोशिश करेगा, उसे संघर्ष विराम का उल्लंघन माना जाएगा और उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा. यह पूरा घटनाक्रम ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता विफल के बाद देखने को मिला है. लगभग महीनेभर के भीषण संघर्ष के बाद ईरान और अमेरिका ने दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया है. हालांकि, इस समझौते के तहत रखी गई शर्तों पर दोनों मुल्कों में सहमति नहीं बन सकी है.

