ईरान का झंडा सिर्फ तीन रंगों का प्रतीक नहीं है, बल्कि इसमें देश का धर्म, इतिहास और 1979 की इस्लामी क्रांति की पूरी कहानी छिपी है। झंडे के हरे और लाल रंग के बीच लिखे छोटे-छोटे अरबी शब्द “अल्लाह अकबर”, बीच में बना “अल्लाह” का प्रतीक और रंगों का चुनाव। सब कुछ गहरे अर्थ और संदेश को दर्शाता है। यह झंडा ईरान की आस्था, बलिदान और राष्ट्रीय पहचान का जीवंत प्रतीक माना जाता है।

ईरान का झंडा क्यों है खास?
ईरान का राष्ट्रीय ध्वज देखने में जितना साधारण लगता है, असल में उतना ही गहरा अर्थ रखता है। यह झंडा सिर्फ तीन रंगों का संयोजन नहीं, बल्कि ईरान के धार्मिक विश्वास, क्रांति और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है। इसे वर्तमान स्वरूप 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद अपनाया गया था। हर रंग, हर चिन्ह और हर अक्षर के पीछे एक तय संदेश छिपा है।

किनारों पर लिखे छोटे अक्षर क्या हैं?
हरे और लाल रंग के बीच बनी पतली पट्टियों पर छोटे-छोटे अरबी अक्षर लिखे हैं। इनमें लिखा है “अल्लाहु अकबर”, जिसका अर्थ होता है, ईश्वर सबसे महान है। कई लोग इसे सीक्रेट कोड समझते हैं, लेकिन यह पूरी तरह स्पष्ट धार्मिक वाक्य है। यह ईरान की इस्लामी क्रांति की आत्मा को दर्शाता है।

झंडे के बीच बना चिन्ह क्या है?
सफेद पट्टी के बीच बना प्रतीक पहली नजर में ट्यूलिप जैसा लगता है। असल में यह अरबी भाषा में लिखे शब्द “अल्लाह” )الله( का स्टाइलाइज्ड रूप है। शब्द की शैलीबद्ध आकृति है। इसमें चार अर्धचंद्र और बीच में एक तलवार शामिल है। यह ईरान में ट्यूलिप को शहीदों के खून का प्रतीक माना जाता है। यह चिन्ह ईश्वर, बलिदान और इस्लामी पहचान को एक साथ दर्शाता है।

क्या ईरान के झंडे में कोई सीक्रेट कोड है?
ईरान के झंडे में कुछ भी छिपा हुआ या गुप्त नहीं है। यह झंडा खुलकर ईरान की धार्मिक आस्था, क्रांतिकारी इतिहास और राष्ट्रीय विचारधारा दिखाता है।
“अल्लाहु अकबर” 22 बार क्यों लिखा गया?
झंडे पर यह वाक्य कुल 22 बार लिखा गया है – 11 बार ऊपर और 11 बार नीचे। यह संख्या कोई संयोग नहीं है। यह 11 फरवरी 1979 की याद दिलाती है, जब ईरान में इस्लामी क्रांति सफल हुई थी। इस तरह झंडा खुद इतिहास की तारीख को संजोए हुए है।

कौन-सी लिपि में लिखा गया है यह संदेश?
झंडे पर लिखे शब्द कूफिक लिपि में हैं। कूफिक अरबी की सबसे पुरानी और सम्मानित लिखावट मानी जाती है। इस लिपि का इस्तेमाल धार्मिक ग्रंथों और मस्जिदों में होता रहा है। इससे झंडे को आध्यात्मिक और ऐतिहासिक गंभीरता मिलती है।
हरा, सफेद और लाल रंग क्या दर्शाते हैं?
झंडे का हरा रंग इस्लाम, समृद्धि और जीवन का प्रतीक माना जाता है। सफेद रंग शांति, सच्चाई और ईमानदारी को दर्शाता है। वहीं लाल रंग बलिदान, साहस और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है। ये तीनों रंग मिलकर ईरान की धार्मिक और राजनीतिक विचारधारा को दर्शाते हैं।

