एलपीजी संकट के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. साथ की पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों को भी खारिज किया गया है, लोगों से इस पर ध्यान न देने की अपील की गई है. सरकार का फोकस पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देना का है. PNG कनेक्शन को जल्द देने को लेकर सरकार ने कई कदम उठाए हैं. वहीं, PNG की सुविधा होने के बाद भी इसे नहीं लेने वाले उपभोक्ताओं को घरेलू रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी. सरकार ने इसको लेकर आदेश जारी किया है.
’25 दिनों में 25 लाख नए PNG कनेक्शन दिए’
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते 25 दिनों में 25 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं.इस के अलावा लगभग 22 लाख उपभोक्ताओं ने एलपीजी से पीएनजी पर स्विच किया है. 25 लाख नए आवेदन या रजिस्ट्रेशन भी मिले हैं.
‘LPG की कमी नहीं’
एलपीजी को लेकर उन्होंने बताया कि इसकी सप्लाई में कोई कमी नहीं है. ऑनलाइन बुकिंग अच्छी चल रही है. लगभग 26 राज्यों को अब तक 22000 टन कमर्शियल एलपीजी दी की जा चुकी है. इस मात्रा में राज्य सरकारों द्वारा किया गया आवंटन और हमारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से दी गई मात्रा भी शामिल है. इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप, कल (24 मार्च) को लगभग 30005 किलोग्राम के सिलेंडर वितरित किए गए.
LPG पर निर्भरता होगी कम
सरकार के इस कदम के पीछे गैस नेटवर्क का विस्तार करने के साथ ही एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करना है. पश्चिमी एशिया में छिड़ी जंग के चलते वहां के प्रमुख स्रोतों से होने वाली सप्लाई प्रभावित हुई है. एलपीजी की कमी को दूर करने के लिए सरकार घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं को पीएनजी का विकल्प लेने पर जोर दे रही है. पीएनजी की सुविधा ज्यादा आसान है. पीएनजी पाइपलाइन के जरिए रसोई गैस बर्नर तक लगातार पहुंचाई जाती है, जिससे सिलेंडर की बुकिंग की आवश्यकता नहीं रहती.
सरकार ने जारी किया आदेश
सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अगर पीएनजी उपलब्ध होने के बाद भी कोई परिवार इसे नहीं अपनाता है तो तीन महीने बाद एलपीजी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी. हालांकि, जहां पाइप कनेक्शन देना संभव नहीं है, वहां अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के आधार पर एलपीजी आपूर्ति जारी रह सकेगी.
केरोसिन को लेकर सरकार ने सभी राज्य सरकारों को वैकल्पिक ईंधन विकल्प के रूप में अतिरिक्त आवंटन किया है. लगभग 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आवंटन आदेश जारी किए जा चुके हैं. वर्तमान में, सरकार और राज्य सरकारें दोनों कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए कोशिशें कर रहे हैं. इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.’ इस संबंध में राज्य सरकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है. 24 मार्च को विभिन्न राज्यों में लगभग 2700 छापे मारे गए और लगभग 2000 सिलेंडर जब्त किए गए.

