मध्य प्रदेश सरकार ने एक साथ 26 आईएएस अफसरों के तबादले कर दिए हैं. इस सूची में कई अहम नाम हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा दिलीप यादव को लेकर हो रही है. वजह साफ है, इंदौर में गंदे पानी की सप्लाई से हुई 24 मौतों का मामला अब भी सुर्खियों में है और उसी प्रकरण से जुड़े अफसर को अब नई और अहम जिम्मेदारी मिल गई है.
इंदौर में गंदा पानी सप्लाई होने के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए थे. इस मामले में 24 लोगों की मौत हो गई थी. उस वक्त इंदौर नगर निगम और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठे थे. इसी कड़ी में दिलीप यादव को पद से हटाया गया था. हालांकि, अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि आखिर इस त्रासदी का जिम्मेदार कौन है.
अब मिली क्रीम पोस्टिंग
ताजा तबादला आदेश में दिलीप यादव को मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है. इसे प्रशासनिक भाषा में क्रीम पोस्टिंग माना जाता है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जिस अफसर पर इतने गंभीर आरोपों का साया है, उसे इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों दी गई.
इस पूरे मामले को लेकर अब राजनीति होना तय माना जा रहा है. क्योंकि गंदे पानी का मामला सामने आने के बाद से कांग्रेस 24 मौतों का जिम्मेदार आईएएस अधिकारी दिलीप यादव मानती आ रही है. ऐसे में उसी अफसर को सरकार ने इनाम की तरह बड़ी पोस्टिंग दे दी.
बता दें बीते दिनों लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनका दर्द सुना. इस दौरान कई पीड़ित परिवार मौजूद थे, जिन्होंने साफ पानी की मांग को लेकर अपनी पीड़ा खुलकर रखी.
अब साफ है कि यह तबादला सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में इस पर राजनीति तेज होगी. सवाल यही है, क्या गंदे पानी से हुई मौतों की जिम्मेदारी कभी तय होगी या फिर मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा.

