मुस्तैद नजरों से साथ हाथ में मशीन लिए सफेद कपड़े पहने ट्रैफिक सिपाहियों का खौफ और खौफ जारी रहने वाला है। इसमें कोई छूट नहीं है। समाज को सिखाने और अनुशाषण मे रखने के लिए अर्थदंड ही सबसे पहला रास्ता होता है। हमारी हैडलाइन से अगर किसी मुगालते मे आ गए हों तो माफ़ कीजियेगा, हमें खेद है। क्योंकि गडकरी जी को आपसे मतभेद है। ट्रैफिक नियम तो मानने ही पड़ेंगे गुरू।
गडकरी ने जो अच्छी खबर दी है। वो ये है कि आने वाले समय में डीजल और पेट्रोल वाहन बंद नहीं होंगी। खासतौर पर ऑटो इंडस्ट्री और कस्टमरों के बीच डीजल वाहनों के बंद होने का डर रहा है। तो ऐसा कुछ नहीं होने जा रहा है। कुछ दिन पहले ऐसी खबरें भी आई थीं कि नीति आयोग ने प्रस्ताव दिया है कि तिपहिया वाहनों को 2023 और 150सीसी से कम क्षमता वाले दो पहिया वाहनों को 2025 तक सड़कों से हटा कर उनकी जगह इलेक्ट्रिक वाहन लाए जाएं. पर ऐसा नहीं है। गडकरी ने कहा –ऑटो सेक्टर में नौकरी जाने की समस्या हमें पता है। हम भी मंदी का सामना कर रहे हैं। भारत में ऑटो सेक्टर ने बड़ी मात्रा में रोजगार दिया है। लोगों के बीच ये गलतफहमी है कि सरकार पेट्रोल और डीजल वाहनों को बंद करने जा रही है, ऐसा नहीं है। प्रदूषण कम करना हमारी प्राथमिकता है। दिल्ली में भी 20 फीसदी प्रदूषण कम हुआ है। हमने ऑटो सेक्टर से इंजन बीएस4 से बीएस 6 में जाने के लिए कहा है और इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी माने हैं।
नितिन गडकरी ने एक और राहत का आश्वासन दिया है। पेट्रोल और डीजल के टैक्स में कमी लाने की मांग को लेकर। उन्होंने कहा कि वह इस बात को वित्त मंत्री के सामने उठाएंगे। जल्द कुछ कदम उठाने की कोशिश करेंगे।
