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Farmers Tips: इतने अप्रैल तक अलर्ट रहें किसान भाई, जान लें अगले इतने दिन के मौसम से निपटने के तरीके

Farmers Tips: अप्रैल का महीना शुरू होते ही मौसम के तेवर तल्ख होने लगे हैं और देश के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. 6 अप्रैल तक का समय किसानों के लिए काफी क्रिटिकल है क्योंकि कटी हुई फसलें खेतों में पड़ी हैं और जरा सी लापरवाही पूरी साल की मेहनत पर पानी फेर सकती है.

आजकल का मौसम इतना अनप्रिडिक्टेबल हो गया है कि सुबह कड़ी धूप होती है और शाम होते-होते अचानक बादल छा जाते हैं. अगर आप भी खेती-बाड़ी से जुड़े हैं. तो अगले चार दिन आपको एक्स्ट्रा अलर्ट मोड पर रहना होगा. अपनी तैयार फसलों को सुरक्षित करने के लिए मॉडर्न तरीके अपनाएं जिससे कुदरत की इस मार से कम से कम नुकसान हो और आपकी कमाई सुरक्षित रहे.

तैयार फसल का ऐसे बचाव करें
खेतों में खड़ी फसल इस वक्त सबसे ज्यादा रिस्क पर है. इसलिए अगर आपकी फसल पक चुकी है. तो उसे तुरंत काटकर सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करना ही समझदारी है. आजकल हार्वेस्टिंग के लिए मॉडर्न मशीनों का इस्तेमाल करें जिससे काम जल्दी निपट सके और अचानक होने वाली बारिश से पहले अनाज घर आ जाए. अगर फसल काट ली है और उसे खेत में ही सुखा रहे हैंय तो तिरपाल या वॉटरप्रूफ कवर्स को तैयार रखें जिससे छींटे पड़ते ही उन्हें ढका जा सके. मंडियों में अपनी उपज ले जा रहे हैं. तो वहां की व्यवस्था पहले ही चेक कर लें और अनाज को खुले में रखने की गलती बिल्कुल न करें.

कटी हुई फसल को तुरंत ढंकने के लिए वॉटरप्रूफ तिरपाल का इंतजाम रखें.
हार्वेस्टिंग के लिए कंबाइन मशीनों का यूज करें ताकि काम तेजी से हो सके.
मंडी ले जाते समय ग्रेन क्वालिटी और नमी का खास ख्याल रखें.

सिंचाई और खाद का ध्यान रखें
आने वाले चार दिनों के दौरान अपनी सिंचाई की प्लानिंग को पूरी तरह से मौसम के पूर्वानुमान के हिसाब से री-शेड्यूल करें. अगर तेज हवाओं या बारिश की संभावना है. तो खेतों में पानी न लगाएं क्योंकि तेज हवा से गीली मिट्टी में फसल गिरने का खतरा बढ़ जाता है. जो पैदावार को काफी हद तक गिरा सकता है. इसी तरह इन दिनों किसी भी तरह के फर्टिलाइजर या पेस्टिसाइड का छिड़काव करने से बचें क्योंकि अगर स्प्रे के तुरंत बाद बारिश हो गई. तो आपकी महंगी दवाएं धुल जाएंगी और मेहनत बेकार जाएगी. मॉडर्न एग्री-ऐप्स का इस्तेमाल करें जो लाइव रिपोर्ट देते हैं.

तेज हवा और बारिश की संभावना के बीच सिंचाई को पूरी तरह टाल दें.
पेस्टिसाइड या खाद का छिड़काव करने से पहले 24 घंटे का वेदर फॉरकास्ट देखें.
मौसम खराब होने पर खेतों में जल निकासी (drainage) का रास्ता साफ रखें.

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