चार धाम तीर्थ यात्रा में गैर हिन्दू यात्रियों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग पर भारतीय जनता पार्टी के सासंद साक्षी महाराज ने प्रतिक्रिया दी है. हर जगह नियम होने चाहिए, इंदिरा गांधी को भी मंदिर में जाने से रोका गया था.
चार धाम यात्रा शुरू होने वाली है और इस दौरान भारी भीड़ होती है. मेरा मुख्य आश्रम भी ऋषिकेश में है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु मुझसे भी संपर्क करते हैं. तीर्थस्थलों की समितियां अपने नियम बनाती हैं और उनका पालन सभी को करना होता है.
सांसद ने कहा कि एक बार तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जगन्नाथ पुरी गई थीं, लेकिन वहां की कमेटी ने उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी थी. वह नहीं गईं और बाहर से प्रणाम कर के लौट आईं.हालिया घटनाक्रम पर सांसद ने कहा कि निर्णय कमेटी का होता है और उसका पालन सरकार को करना होता है.
धाम लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं- हेमंत द्विवेदी
बता दें बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर कमेटी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया था कि आने वाली चार धाम यात्रा को लेकर बड़ा निर्णय लिया है. उनके अनुसार, बद्रीनाथ मंदिर और केदारनाथ मंदिर सहित अन्य पवित्र स्थलों में गैर-सनातनी लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है. उन्होंने कहा था कि यह परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है, जिसकी शुरुआत आदि शंकराचार्य ने की थी. बद्रीनाथ धाम, केदारनाथ धाम, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे धाम लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं और इनका गहरा आध्यात्मिक महत्व है.
उन्होंने कहा था कि हाल के समय में कुछ समूहों द्वारा इन धार्मिक स्थलों के माहौल और पवित्रता को प्रभावित करने की कोशिशें सामने आई थीं. इसी को ध्यान में रखते हुए और लंबे समय से उठ रही मांग के बाद यह प्रस्ताव मंदिर बोर्ड के समक्ष लाया गया, जिसे बिना किसी विरोध के वॉयस वोट से पारित कर दिया गया.

