पान मसाला कंपनी की बहू ने की खुदकुशी ! सास और पति पर मारपीट का आरोप, जानें क्या है पूरा मामला

राजधानी दिल्ली से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. पान मसाला कंपनी कमला पसंद और राजश्री ग्रुप के मालिक कमल किशोर चौरसिया की बहू दीप्ति चौरसिया (40) ने मंगलवार शाम को अपने वसंत विहार स्थित आवास में चुन्नी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है. खबरों के अनुसार, मौके पर पुलिस को दीप्ति की डायरी मिली है. इसमें उसने सीधे किसी पर आरोप नहीं लगाया, लेकिन पति से हुए झगड़े का जिक्र किया गया है. वहीं, दीप्ति के मायके वालों का कहना है कि ससुराल वालों ने बहू को आत्महत्या के लिए उकसाया. परिवार ने कमल किशोर और उनके परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज कर मामले की गहन जांच की मांग की है.

इस घटना ने एक बार फिर से सास-बहू और पति-पत्नी के रिश्तों में तनाव के मुद्दे को सामने लाकर रख दिया है. ऐसे मामलों में घरेलू विवाद और मानसिक दबाव का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि लंबे समय तक तनाव, झगड़े और परिवारिक दबाव मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं.

घरेलू तनाव कम करने के 5 असरदार तरीके-
खुलकर बातचीत करें- परिवार के भीतर छोटी-छोटी बातों को साझा करना जरूरी है. झगड़े और शिकायतें दबाने से मानसिक दबाव बढ़ता है.
समय निकालें- हर दिन कम से कम कुछ समय सिर्फ बातचीत या आराम के लिए निकालें. यह रिश्तों में दूरी कम करने में मदद करता है.
थर्ड पार्टी की मदद लें- अगर तनाव बढ़ रहा है, तो किसी काउंसलर या परिवारिक मित्र की मदद लेना फायदेमंद होता है.
पर्सनल स्पेस दें- सास-बहू और पति-पत्नी को व्यक्तिगत स्पेस देना जरूरी है. हर रिश्ते में थोड़ी दूरी रिश्तों को मजबूत बनाती है.
पॉजिटिव गतिविधियों में शामिल हों- योग, मेडिटेशन या कोई हॉबी अपनाना मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और तनाव कम करता है.
कौन-से रेड फ्लैग दिखते ही लेनी चाहिए मदद –

  1. मारपीट या शारीरिक हिंसा- हाथ-पांव मारना, धक्का देना, या चोट पहुँचाना, सामान फेंकना या धमकाना
    यह तुरंत कानूनी और मानसिक मदद लेने का संकेत है.
  2. लगातार अपमान और आलोचना- हर छोटी गलती पर ताने, पुरानी बातों को बार-बार उठाना, तुलना और नीचा दिखाने वाली बातें, अगर आप खुद को हमेशा छोटा या बेकार महसूस कर रही हैं, तो यह रेड फ्लैग है.
  3. पति या परिवार का सपोर्ट न होना- पति हमेशा सास का पक्ष ले, परिवार की कोई भी समस्या साझा करने पर सुनवाई न हो, भावनात्मक समर्थन न मिलना, इस स्थिति में मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है.
  4. आर्थिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर रोक- खर्च करने पर रोक, नौकरी या पढ़ाई करने से रोका जाना, दोस्तों और परिवार से मिलने पर रोक, जब महिला पूरी तरह निर्भर महसूस करती है, तुरंत मदद लेना जरूरी है.
  5. अकेलापन और डिप्रेशन के लक्षण- लगातार उदासी या अकेलापन, खाने-पीने में कमी या अनियमितता
    नींद की समस्याएं, आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने के विचार, ये सबसे गंभीर रेड फ्लैग हैं. इस स्थिति में तुरंत काउंसलर, डॉक्टर या हेल्पलाइन से संपर्क करें.
  6. लगातार डर और घबराहट- घर में किसी भी बात पर डर महसूस होना, डर की वजह से कोई काम न कर पाना
    रात को सोते समय भी बेचैनी, आप लगातार डर महसूस कर रही हैं, तो यह सबसे बड़ा संकेत है कि मदद चाहिए.
  7. मानसिक दबाव और धमकियां- “तुम कुछ नहीं कर सकती” जैसी बातें, धमकी देना या डराना, धमकी के कारण कोई निर्णय लेने में डर लगना, यह संकेत है कि घर में सुरक्षित महसूस नहीं हो रहा है.

क्या करें जब ये रेड फ्लैग दिखें?
विश्वसनीय व्यक्ति से बात करें – दोस्त, रिश्तेदार या कोई भरोसेमंद मेंटर से बताएं.
काउंसलिंग या थैरेपी लें – मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर मदद कर सकते हैं.
हेल्पलाइन से संपर्क करें – जैसे 1091 (महिला हेल्पलाइन), 181 (राष्ट्रीय महिला हेल्पलाइन).
कानूनी मदद लें – घरेलू हिंसा के खिलाफ FIR या पुलिस रिपोर्ट करें.
सुरक्षित जगह पर रहें – अगर खतरा महसूस हो, तो अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थान पर जाएं.
इस घटना ने समाज को एक चेतावनी दी है कि घर के अंदर हिंसा और मानसिक दबाव कभी भी गंभीर परिणाम दे सकता है. इसलिए परिवारिक रिश्तों में एक दूसरे के प्रति समझ और सहानुभूति होना सबसे जरूरी है.

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