कोरोना वायरस के खिलाफ जारी इस जंग में DRDO यानि डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन भी अपनी पूरी भागिदारी निभा रहा हैं। जिससे इस कोरोना संकट से देश को जल्द से जल्द मुक्त किया जा सके, और लोगों का जीवन फिर से सामान्य हो सके। बता दें DRDO ने गुरूग्राम की एक कंपनी के साथ मिलकर एक ऐसा खास डिसइंफेक्शन टॉवर तैयार किया है, जिससे मॉल, शॉपिंग कॉम्पलेक्स, एयरपोर्ट, स्कूल और मैट्रो स्टेशन जैसी सार्वजनिक जगहों को कोरोना वायरस से डिसइंफेक्ट किया जा सके। ये खास तरीके का डिसइंफेक्शन टॉवर अल्ट्रा वायलेट तकनीक से चलेगा। साथ ही इस टॉवर से चार सौ फीट स्कॉवयर एरिया को आधे घंटे में कीटाणु मुक्त किया जा सकेगा। इस विषय पर रक्षा मंत्रालय की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि किसी बड़े एरिया में जहां संक्रमण का खतर ज्यादा होता है और कैमिकल का इस्तेमाल नहीं करना हो, वहां ये ‘यूवी-बलॉस्टर’ बेहद कारगर साबित होगा। इसके साथ ही बताया कि इस अल्ट्रा वायलेट बलास्टर को वाईफाई के जरिए मोबाइल या फिर लैपटॉप से भी ऑपरेट किया जा सकता है। इसके साथ ही कहा कि इस मशीन में छह यूवी-सी लैंप लगे हैं। इन सभी 6 लैंपों में से हर एक लैंप 43 वाट का है और 360 डिग्री यानि चारों दिशाओं में रोशनी फेंकता है। यानी एक मशीन 12×12 फीट के कमरे को 10 मिनट में कोरोना वायरस मुक्त बना सकती है। तो वहीं DRDO की ओर से ये दावा भी किया गया है कि चार सौ स्कॉवयर फीट जैसे बड़े हॉल को आधे घंटे में कोविड-19 वायरस से फ्री किया जा सकता है।

