कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने बृजेश ठाकुर को सजा दिए जाने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने इस निर्णय पर साकेत कोर्ट का स्वागत किया है। मुजफ्फरपुर आश्रय गृह में नाबालिग बच्चियों के साथ हुई दरिंदगी पूर्ण घटना पर साकेत कोर्ट ने बृजेश ठाकुर समेत उसके पांच साथियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस प्रकरण में सात अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। फैसला सुनाने के दौरान न्यायाधीश खुद भावुक हो गए थे। उन्होंने आश्रय गृह में बच्चियों के साथ हुए घिनौने कृत्य को बूचड़खाने के संज्ञा दी थी।

प्रमोद तिवारी ने कहा कि बीजेपी के पूर्व मंत्री चिन्मयानन्द काण्ड के बाद बृजेश ठाकुर पर आरोप सिद्ध हुए हैं। बृजेश ठाकुर की पत्नी उस समय बिहार सरकार में BJP-JDU सरकार की कैबिनेट मंत्री थी। फिर भी यह अमानवीय अपराध होते रहे। कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद वह अपने पति को बचाने के लिये पति के हर पाप के समय उनकी अर्धांगनी बनी रही। यह इतना दुःखद और पीड़ादायक है। आश्रय गृह में रहने वाली बच्चियों नाबालिग थी, उन्हें बड़े अधिकारियों और राजनैतिक रसूखवाले नेताओं के सामने बलपूर्वक पेश किया जाता था। वहीं BJP और JDU सत्ता की हनक में आवाज दबाती रही।
उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्णय से साफ हुआ कि जब पीड़ित बच्चियां इसका विरोध करती थी। तो बृजेश ठाकुर अपनी पत्नी के साथ मिलकर उन लड़कियों को पीटता था और उन्हें यातनाएं देता था। यह भयंकर जघंय अपराधों में से एक है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्णय के बाद BJP का शीर्ष नेतृत्व बहानेबाजी छोड़ क्षमा मांगेगा? न्यायालय के निर्णय पर बिहार की जनता नितिश कुमार को चुनाव में इसकी सजा देंगी। क्योंकि उनकी ही सरकार में उनकी ही कैबिनेट मंत्री ने घिनौने कृत्य को चलने दिया।

