Chaitra Navratri 2026

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि 2026 में कौन सा रंग किस दिन पहनना है शुभ? यहां जानें

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि के आरंभ के साथ ही भक्तों के मन में उत्साह और श्रद्धा की लहर दौड़ जाती है. इस वर्ष नवरात्रि 19 मार्च, गुरुवार से शुरू हो चुकी है और अगले नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी. ज्योतिष के अनुसार नवरात्रि में हर दिन का विशेष रंग न केवल पूजा में सौंदर्य बढ़ाता है, बल्कि जीवन में ग्रहों की अनुकूलता भी सुनिश्चित करता है. आइए जानते हैं, इस बार के चैत्र नवरात्रि में किस दिन कौन सा रंग पहनना शुभ रहेगा और इससे आपकी राशि और ग्रहों पर क्या प्रभाव पड़ेगा.
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन: गुलाबी और सफेद पहले दिन, मां शैलपुत्री की पूजा होती है. इस दिन गुलाबी और सफेद रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है. गुरुवार का दिन होने के कारण बृहस्पति ग्रह की अनुकूलता बढ़ती है, जिससे जीवन में सुख-शांति और ज्ञान की वृद्धि होती है. उदाहरण के लिए, दिल्ली में पूजा कर रही पूजा शर्मा बताती हैं कि गुलाबी साड़ी पहनने के बाद उनके घर में पहले दिन ही सकारात्मक ऊर्जा महसूस हुई.


दूसरे दिन: नारंगी और केसरिया दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी का पूजन होता है. इस दिन नारंगी और केसरिया रंग पहनना चाहिए. शुक्र ग्रह की अनुकूलता के कारण इस दिन संबंधों में मिठास और आर्थिक स्थिरता आती है. ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि यदि आप नारंगी रंग में पूजा करते हैं तो मनोबल और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है.


तीसरे दिन: लाल और हरा तीसरे दिन देवी चंद्रघंटा की पूजा की जाती है. इस दिन लाल और हरे रंग के वस्त्र पहनना शुभ रहता है. शनिवार होने के कारण शनि की स्थिति में सुधार होता है, जिससे लंबी अवधि के प्रयास सफल होते हैं. उदाहरण के लिए, मुंबई के एक व्यापारी ने लाल वस्त्र पहनकर पूजा करने के बाद अपने कारोबार में वृद्धि देखी.


चौथे दिन: नारंगी और पीला कुष्मांडा देवी की पूजा चौथे दिन की जाती है. नारंगी और पीले रंग पहनने से सूर्य ग्रह की अनुकूलता मिलती है. इस दिन विशेष रूप से स्वास्थ्य और उत्साह में सुधार होता है. वाराणसी में, भक्तों ने बताया कि पीले रंग में पूजा करने के बाद घर में सकारात्मक वातावरण महसूस हुआ.


पांचवें दिन: सिल्वर और ग्रे पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना होती है. इस दिन सिल्वर और ग्रे रंग पहनना शुभ होता है. सोमवार होने से चंद्रमा का प्रभाव मजबूत होता है और मानसिक शांति आती है. उदाहरण के लिए, पटना में पूजा कर रहे युवा कहते हैं कि इस दिन ग्रे रंग पहनकर उनका ध्यान और संयम बढ़ा.


छठे दिन: लाल और गुलाबी मां कात्यायनी की पूजा छठे दिन होती है. लाल और गुलाबी रंग पहनने से मंगल ग्रह की शुभता बढ़ती है. इस दिन विशेष रूप से ऊर्जा और साहस का अनुभव होता है. ज्योतिष सलाह है कि व्यवसायिक निर्णय लेने के लिए यह दिन बेहद शुभ है.


सातवें दिन: बैंगनी और हरा सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है. बैंगनी और हरे रंग पहनना शुभ रहता है. बुधवार के दिन बुध ग्रह का अनुकूल प्रभाव मिलता है. इस दिन पहनने वाले लोगों में उत्साह और मानसिक संतुलन बढ़ता है.


आठवें दिन: सफेद अष्टमी पर मां महागौरी की पूजा होती है. सफेद रंग पहनने से गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत होती है. इस दिन शांति और समृद्धि का अनुभव अधिक होता है.
अंतिम दिन: मैरून और लाल नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है. मैरून और लाल रंग पहनना शुभ माना जाता है. शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह का सकारात्मक प्रभाव जीवन में सुख-शांति और प्रेम संबंधों में वृद्धि लाता है.

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