Rahul Gandhi Lok Sabha Speech: राहुल गांधी ने संसद में उठाया चीनी घुसपैठ का मुद्दा, मचा हंगामा..राजनाथ बोले-वो पुस्तक प्रकाशित ही नहीं हुई

Rahul Gandhi Loksabha Speech: सोमवार को संसद के बजट सत्र का चौथा दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के साथ शुरू हुआ. लोकसभा में राहुल गांधी ने इस दौरान चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाया. इस दौरान जमकर हंगामा हुआ. सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा.

राहुल गांधी ने आज लोकसभा में चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाया. उन्होंने पूर्व सेनाध्यक्ष की अप्रकाशित किताब का हवाला देते हुए लद्दाख में चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश की. इस पर सदन में ही सरकार की तरफ से कहा गया कि जिस किताब के आधार पर राहुल आरोप लगा रहे हैं, वो किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है. राहुल बार-बार सदन में इसी मुद्दे को उठाने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि स्पीकर ने नियमों का हवाला देकर ऐसा करने से मना किया. हंगामा बढ़ता देख सदन को स्थगित कर दिया गया लेकिन एक घंटे के स्थगन के बाद जब फिर से सदन की कार्यवाही शुरू हुई तब भी राहुल गांधी ने इसी मुद्दे को उठाया. हंगामे के बाद फिर एक घंटे के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बजट पर बयान देना था. अपने भाषण की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के साथियों की तरफ से कई आरोप कांग्रेस पर लगाए गए हैं, इसलिए पहले मैं उस बारे में बात करना चाहता हूं. राहुल ने कहा कि उनके पास पूर्व आर्मी चीफ एम.एम नरवणे का मेमोइर है जिसमें उन्होंने चीनी घुसपैठ के बारे में लिखा है. राहुल ने इस मेमोइर के आधार पर 31 अगस्त 2020 की रात की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 4 चीनी टैंक चीनी घुसपैठ में भारत की धरती पर आ रहे थे. वे कुछ 100 मीटर ही दूर थे. राहुल के इतना पढ़ते ही राजनाथ सिंह खड़े हो गए और कहा जो किताब पब्लिश ही नहीं हुई है, उसका जिक्र न करें. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खड़े होकर राहुल गांधी के बयान और बुक का विरोध भी किया. राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल जिस किताब का जिक्र कर रहे हैं वह आज तक पब्लिश ही नहीं हुई है. कैसे माना जाए कि उस किताब में लिखा क्या है?

राहुल के बोलते ही लोकसभा में एनडीए सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया. इस दौरान स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि नियम के हिसाब से इस विषय पर बयान नहीं दे सकते. इस गहमागमी के बीच राहुल गांधी ने कहा- नरवणे की किताब में रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री का भी जिक्र है. कांग्रेस का आरोप है कि जनरल नरवणे जवाबी कार्रवाई के लिए पूछते रहे लेकिन राजनीतिक नेतृत्व ने काफी देर बाद निर्देश दिए.

अखिलेश यादव ने किया राहुल गांधी का सपोर्ट

संसद में गहमागहमी के बीच अखिलेश यादव ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी का समर्थन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर देश की बात है तो विपक्ष के नेता को वो बात सदन में पढ़ देने की अनुमति दे देना चाहिए. चीन का सवाल सेंसेटिव है. राहुल गांधी के बाद किरेन रिजिजू ने कहा कि हम सदन में सुनने के लिए ही बैठे हैं, अध्यक्ष रूलिंग दे चुके हैं लेकिन, फिर भी वे पढ़ रहे हैं. ऐसे कैसे चलेगा. ओम बिरला ने कहा- सदन में अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन नियम से चलना चाहिए.

के सी वेणुगोपाल ने कहा कि ये लोग राहुल जी को बोलने नहीं दे रहे हैं. गृहमंत्री अमित शाह ने हंगामे के बीच कहा कि पुस्तक तो प्रकाशित नहीं हई है. मैगजीन तो कुछ भी लिख सकता है. राहुल ने कहा कि सरकार इस पुस्तक को प्रकाशित नहीं होने दे रही है. इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि सदन को गुमराह करने की कोशिश ना करें.

बुक पब्लिश ही नहीं करने दी जा रही है- राहुल गांधी

ओम बिरला ने कहा कि अखबार की कटिंग ही सदन में चल सकती है, इसके अलावा कुछ नहीं रख सकते हैं. राहुल ने कहा, मैं जो कह रहा हूं ये सब नरवणे ने कहा है. उनकी किताब को प्रकाशित नहीं करने दिया गया है. अमित शाह ने कहा- राहुल ने खुद कह दिया है कि पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है. अब बात ही खत्म हो जाती है. जो बुक पब्लिश ही नहीं है उसका जिक्र कैसे कर सकते हैं. राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर पुस्तक में तथ्य सही होते तो उसको पब्लिश किया जाता, लेकिन उसमें तथ्य गलत हैं. यही वजह है कि उस पुस्तक को पब्लिश नहीं किया जा रहा है.

अमित शाह ने कहा, तेजस्वी सूर्या ने 2004 से 2014 के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहे गए शब्दों का जिक्र किया था. अगर राष्ट्रपति के भाषण पर कोई आर्टिकल है तो पढ़ सकते हैं. हंगामा बढ़ता देख स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि मैं आप सबसे अपेक्षा करूंगा हम सदन की गरिमा मर्यादा को बनाए रखें. जो भी रूल होते हैं सब सदन के लिए होते हैं.

राहुल गांधी ने संसद में कहा कि पक्ष के लोग कहते हैं कि ये आतंकवाद से लड़ते हैं. जबकि ये लोग एक कोट पढ़ने से डर रहे हैं. इसमें ऐसा क्या है जो इतना डर रहा है. ये डरे नहीं हैं तो मुझे बोलने दें. हकीकत है कि ये लोग डरे हुए हैं.

बिहार के इन 2 हजार लोगों का धर्म क्या है? विश्व का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड कौन सा है? दंतेवाड़ा एक बार फिर नक्सली हमले से दहल उठा SATISH KAUSHIK PASSES AWAY: हंसाते हंसाते रुला गए सतीश, हृदयगति रुकने से हुआ निधन India beat new Zealand 3-0. भारत ने किया कीवियों का सूपड़ा साफ, बने नम्बर 1