Ashtami 2026 date: चैत्र नवरात्रि शुरू होते ही घरों और मंदिरों का माहौल पूरी तरह बदल जाता है। कहीं माता के भजन गूंजते हैं, कहीं अखंड ज्योति जल रही होती है, तो कहीं व्रत और पूजा की तैयारी चल रही होती है। यही वह समय होता है जब लोग नवरात्रि के हर दिन का महत्व जानना चाहते हैं, खासकर अष्टमी और नवमी की तारीख को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता रहती है। चलिए जानते हैं इस बार दुर्गा अष्टमी कब है, रामनवमी किस दिन मनाई जाएगी और कल 23 मार्च को नवरात्रि का कौन सा दिन पड़ेगा।
19 मार्च से शुरू हुई चैत्र नवरात्रि
चैत्र नवरात्रि 2026 का शुभारंभ 19 मार्च से हो चुका है। यह नौ दिनों तक चलने वाला पावन पर्व है, जिसे देशभर में श्रद्धा, व्रत और पूजा-पाठ के साथ मनाया जाता है। नवरात्रि के हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूप की पूजा की जाती है।
दुर्गा अष्टमी और रामनवमी कब है?
इस साल दुर्गा अष्टमी 26 मार्च, गुरुवार को मनाई जाएगी, जबकि राम नवमी 27 मार्च, शुक्रवार को पड़ेगी। नवरात्रि के अंतिम दो दिन होने की वजह से इनका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। कई घरों में अष्टमी या नवमी पर व्रत खोला जाता है, कन्या पूजन होता है और विशेष पूजा रखी जाती है। इसलिए इन तारीखों को लेकर लोगों की तैयारी भी पहले से शुरू हो जाती है।
23 मार्च को नवरात्रि का कौन सा दिन है?
नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हुई है। ऐसे में गिनती के हिसाब से 19 मार्च पहला दिन, 20 मार्च दूसरा, 21 मार्च तीसरा, 22 मार्च चौथा और 23 मार्च को नवरात्रि का पांचवां दिन पड़ेगा। इस दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाएगी। स्कंदमाता को माता पार्वती का ही एक रूप माना जाता है और वे भगवान कार्तिकेय यानी स्कंद की माता के रूप में पूजी जाती हैं। भक्त मानते हैं कि मां स्कंदमाता की पूजा से सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और मानसिक शांति मिलती है। इसलिए नवरात्रि के पांचवें दिन उनकी पूजा का खास महत्व रहता है।
मां स्कंदमाता की पूजा कैसे करें?
23 मार्च को मां स्कंदमाता की पूजा के लिए सफेद रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना गया है। माता की तस्वीर या मूर्ति को साफ जगह पर स्थापित करें। पूजा स्थल पर दीपक और धूप जलाएं। इसके बाद हल्दी, कुमकुम और अक्षत अर्पित करें। पूजा करते समय मन शांत रखें और श्रद्धा के साथ विधि पूरी करें।
प्रसाद में केला जरूर शामिल करने की बात कही गई है। माना जाता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है। मां स्कंदमाता की कृपा पाने के लिए “ॐ देवी स्कंद मातायै नमः” मंत्र का जाप किया जाता है। इस मंत्र का 108 बार जाप मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला माना जाता है।
दुर्गा अष्टमी का क्या महत्व है?
दुर्गा अष्टमी, जिसे महाअष्टमी भी कहा जाता है, मां दुर्गा के उग्र और शक्तिशाली स्वरूप को समर्पित होती है। इस दिन भक्त विशेष पूजा-अर्चना करके मां से शक्ति, साहस और सुरक्षा की कामना करते हैं। कई लोग अष्टमी के दिन कठोर व्रत रखते हैं और घर या मंदिर में विशेष अनुष्ठान करते हैं। अष्टमी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कन्या पूजन माना जाता है। इस दिन छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनका पूजन किया जाता है, उन्हें भोजन कराया जाता है और उपहार दिए जाते हैं।
रामनवमी का क्या महत्व है?
नवरात्रि का नौवां दिन राम नवमी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का प्रतीक है और विष्णु भक्तों के लिए बेहद खास होता है। रामनवमी पर मंदिरों में विशेष पूजा, रामायण पाठ, भजन-कीर्तन और शोभायात्राएं निकाली जाती हैं। कई श्रद्धालु इस दिन नवरात्रि व्रत का समापन करते हैं।

