वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते शिपिंग प्रभावित हुई है, जिससे भारत में गैस की सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है. पेट्रोलियम मंत्रालय की जाइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बुधवार (18 मार्च) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेल-गैस की मौजूदा स्थित को लेकर चीजें स्पष्ट कीं. उन्होंने कहा, कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 40% की वृद्धि की गई है.
क्या बोलीं सुजाता शर्मा?
सुजाता शर्मा ने बताया, ‘किसी भी रिटेल आउटलेट या एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर कोई कमी (ड्राई आउट) नहीं है. घरेलू पीएनजी और सीएनजी परिवहन उपभोक्ताओं को 100% आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. हालांकि एलपीजी की स्थिति अभी भी चिंताजनक है.’ घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है. वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री, जिसे पहले घरेलू एलपीजी को प्राथमिकता देने के लिए सीमित किया गया था, अब आंशिक रूप से बहाल कर दी गई है.
उन्होंने बताया, ‘हमारे पास विमानन टरबाइन ईंधन का पर्याप्त भंडार है और तेल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की गई है. अभी तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है.’
जाइंट सेक्रेटरी ने कहा, ‘सरकार ने राज्यों को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि अतिरिक्त 10 प्रतिशत कमर्शियल LPG दिया जाएगा, अगर दीर्घकालिक LPG से PNG ट्रांजिशन में मदद करें. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने कहा, ‘कल (17 मार्च) ओएमसी द्वारा एलपीजी वितरकों पर 2300 से अधिक औचक निरीक्षण किए गए.’

