सीजफायर को लेकर बातचीत के बीच अमेरिका ईरान पर निर्णायक और आखिरी बड़ा प्रहार का प्लान तैयार कर रहा है. पेंटागन की कोशिश इस निर्णायक प्रहार के जरिए युद्ध को खत्म करने की है. इसके लिए खुद अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ एक्टिव हैं. यह प्लान इसलिए तैयार किया जा रहा है, जिससे युद्ध काफी लंबा नहीं खिंच सके. दरअसल, ईरान युद्ध के लंबा खिंचने से अमेरिका बैकफुट पर है. एक तरफ अमेरिका समेत पूरी दुनिया में आर्थिक संकट गहराता जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ ईरान में सत्ता न बदलने से अमेरिका की किरकिरी हो रही है.
अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस के मुताबिक सीजफायर को लेकर अगर बात नहीं बनती है तो अमेरिका ईरान पर बड़ा प्रहार करेगा. इसके तहत ईरान के अहम द्वीपों (जैसे खर्ग, अबू मूसा) पर कब्ज़ा करना, तेल मार्गों की घेराबंदी करना, या बड़े पैमाने पर हवाई हमले और संभवतः जमीनी अभियान करना शामिल है.
ट्रंप के “अंतिम प्रहार” के विकल्प
- खार्ग द्वीप (ईरान का मुख्य तेल निर्यात केंद्र) पर कब्जा करना या उसकी घेराबंदी करना. यहां से ईरान का 90 प्रतिशत तेल सप्लाई होता है.
- लारक द्वीप (होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नियंत्रण के लिए अहम) पर हमला करना/कब्ज़ा करना. दुनिया का 20 प्रतिशत तेल सप्लाई यहीं से होता है.
- अबू मूसा + आस-पास के द्वीपों (जलडमरूमध्य का रणनीतिक प्रवेश द्वार) पर कब्ज़ा करना. इस पर कंट्रोल से होर्मुज इलाके में ईरान का कब्जा खत्म हो जाएगा.
- इस क्षेत्र में ईरानी तेल टैंकरों को रोकना या उन पर कब्जा करना और परमाणु/ऊर्जा स्थलों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले करना.
- परमाणु सामग्री को सुरक्षित करने के लिए ईरान के अंदर ज़मीनी अभियान चलाना. इसके लिए अमेरिका ने 1000 मरीन्स के जवान मिडिल ईस्ट में भेजे हैं.
ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल ट्रूथ पर एक पोस्ट लिखकर ईरान को बातचीत से नहीं भागने की चेतावनी दी है. ट्रंप ने लिखा- ईरान के अधिकारी एक तरफ हमसे वार्ता की भीख मांग रहे हैं. दूसरी तरफ पब्लिक में यह कह रहे हैं कि हम अभी समीक्षा कर रहे हैं. प्रस्ताव से भागना ईरान के लिए फायदेमंद नहीं है.

