पश्चिमी एशिया में छिड़ी जंग को 31 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी इसकी दिशा तय नहीं हो पाई है. इसी बीच अमेरिकी सेना के ईरान पर जमीनी हमला करने की अटकलें लगाई जा रही हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान और मिडिल ईस्ट में बढ़ती अमेरिकी सैन्य मौजूदगी से इसको और बल मिल रहा है. ट्रंप ईरान में मौजूद 400 किलोग्राम यूरिनियम को लेकर आने का आदेश दे सकते हैं. हालांकि अभी तक इसको लेकर कोई फैसला नहीं किया गया है.
क्या है ट्रंप का प्लान?
दरअसल, अमेरिका को इस बात का डर सता रहा है कि ईरान की सरकार इस 400 किलोग्राम यूरिनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने के लिए कर सकती है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी साफ कह चुके हैं कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जा सकता है. इसी को लेकर अमेरिका ईरान में खतरनाक मिलिट्री ऑपरेशन को अंजाम देने का प्लान कर रहे हैं. योजना के तहत ईरान से करीब 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम को निकालना है. बताया जा रहा है कि इसे ईरान की परमाणु सुविधाओं में दबाकर रखा गया है.
जोखिम भरा हो सकता है ऑपरेशन
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस ऑपरेशन को शुरू करेंगे या नहीं, यह अभी तय नहीं हुआ है. विशेषज्ञों की मानें तो यूएस अगर यह सैन्य अभियान शुरू करता है तो यह जोखिम भरा साबित हो सकता है. इसके चलते अमेरिकी सेना को कई दिनों या इससे ज्यादा समय तक ईरान में रहकर इसे अंजाम देना पड़ सकता है. वॉल स्ट्रीट जर्नल को अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप अमेरिकी आर्मी को होने वाले रिस्क को लेकर विचार कर रहे हैं, लेकिन अगर जरूरत पड़ती है तो वह इसके लिए तैयार हैं.
ट्रंप का खर्ग द्वीप और ईरानी तेल पर बड़ा बयान
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह ईरान का तेल चाहते हैं और तेहरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खर्ग द्वीप पर कब्जा कर सकते हैं. डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है और ईरान से लगभग 1000 पाउंड यूरेनियम निकालने के लिए संभावित सैन्य अभियान पर विचार कर रहा है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ी अमेरिकी सैनिकों की तैनाती
रिपोर्ट में ट्रंप के हवाले से कहा गया, ‘हो सकता है हम खार्ग द्वीप पर कब्जा कर लें, हो सकता है न करें. हमारे पास बहुत सारे विकल्प हैं. उन्होंने कहा, ‘इसका यह भी मतलब होगा कि हमें वहां कुछ समय तक रहना पड़ेगा.’ ट्रंप ने आगे कहा कि उनका मानना है कि द्वीप पर ईरान की सुरक्षा व्यवस्था बहुत कम या बिल्कुल भी नहीं है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पेंटागन मिडिल ईस्ट में 10000 तक अतिरिक्त सैनिक तैनात कर रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को घोषणा की कि 2500 मरीन सहित 3500 से ज्यादा सैनिक मध्य पूर्व पहुंच चुके हैं.

