Israel US Iran War: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ी चेतावनी दी है। नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के साथ सीजफायर जल्द ही खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर हमने सैन्य कार्रवाई ना की होती तो नतांज, फोर्डो और बुशहर जैसी जगहों को ऑशविट्ज, माजदा नेक और सोबिबोर की तरह याद किया जाता।
ईरान ने किया नियमों का उल्लंघन
पीएम नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल अपनी शक्ति के शिखर पर है। उन्होंने कहा कि चूंकि ईरान ने नियमों का उल्लंघन किया, इसलिए ट्रंप ने नाकेबंदी और नौसैनिक घेराबंदी लगाने का फैसला किया और हम निश्चित रूप से इस मजबूत रुख का समर्थन करते हैं।
नेतन्याहू और वेंस के बीच हुई बात
इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से बात की है जिन्होंने एक यात्रा से लौटते समय अपने विमान से फोन किया था। नेतन्याहू ने कहा, ”उन्होंने मुझे बातचीत में हो रहे घटनाक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मुझे बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए मुख्य मुद्दा सभी संवर्धित सामग्री को हटाना और यह सुनिश्चित करना है कि आने वाले वर्षों तक, दशकों तक, ईरान में कोई संवर्धन ना हो।”
ऑशविट्ज, माजदा नेक और सोबिबोर के बारे में जानें
माजदा नेक और सोबिबोर और ऑशविट्ज यूरोप में नाजियों द्वारा स्थापित यातना केंद्र थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मनी की ओर से पोलैंड में स्थापित कुख्यात यातना और मृत्यु शिविर थे। यहां लाखों यहूदियों और अन्य लोगों की सुनियोजित हत्या की गई थी। सोबिबोर मुख्य रूप से गैस चैंबरों के जरिए हत्या करने के लिए बना था, जबकि माजदा नेक श्रम और मृत्यु शिविर दोनों था। इजरायल के पीएम ने अपनी बात में इन्हीं का जिक्र किया था।
वार्ता के लिए तैयार है ईरान
इस बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने कहा है कि ईरान, अमेरिका के साथ शांति वार्ता का एक और दौर करने के लिए तैयार है, बशर्ते अमेरिका कोई गैर-कानूनी मांग ना करे और तेहरान की शर्तें माने। फथाली का यह बयान इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत के एक दिन बाद आया है। इस्लामाबाद में वार्ता बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई थी। पश्चिम एशिया संकट को लेकर बनी स्थिति पर बात करते हुए दूत ने कहा कि इस क्षेत्र में ईरान और भारत का भविष्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है।

