अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती हुए अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मोदी सरकार ने अग्निवीरों को लेकर नई व्यवस्था का ऐलान किया है, जिससे हजारों युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है। नए फैसले के मुताबिक, 25 प्रतिशत अग्निवीरों को पहले की तरह मेरिट के आधार पर नियमित सैनिक के रूप में सेना में शामिल किया जाएगा। वहीं, बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने का फैसला किया गया है।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने 4 नवंबर को इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अग्निवीरों के प्रदर्शन को लेकर सेना को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उनके लिए आगे सेवा जारी रखने का रास्ता तैयार किया है।
इस नई व्यवस्था के तहत अग्निवीरों का शुरुआती चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद बाकी 75 प्रतिशत को दो साल और सेना में सेवा देने का मौका मिलेगा। यानी उनका कुल सेवा कार्यकाल छह साल तक हो सकता है।
सबसे खास बात यह है कि दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल पूरा करने के बाद इन अग्निवीरों को भी नियमित सेना में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। इसके लिए उनका प्रदर्शन, योग्यता और निर्धारित चयन मानकों को आधार बनाया जाएगा। हालांकि, नियमित सैनिक बनने का मौका सभी को अपने आप नहीं मिलेगा, बल्कि इसके लिए चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा।
गौरतलब है कि अग्निपथ योजना की शुरुआत जून 2022 में हुई थी। इसके तहत युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाता है। अब सरकार के इस फैसले से अग्निवीरों को सेना में लंबे समय तक सेवा देने और नियमित सैनिक बनने का एक और अवसर मिलेगा।
इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया में भी बदलाव की घोषणा की गई है। अब अग्निवीरों की भर्ती में लिखित परीक्षा पहले और शारीरिक परीक्षा बाद में आयोजित की जाएगी। साथ ही, सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को उनके प्रशिक्षण और अनुभव के आधार पर स्किल सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे।

