सब्जी के छिलकों के साथ सांड निगल गया सोने के गहने, अब हो रही सेवा

ई गजबे है! हरियाणा

पशु सेवा का हिन्दू धर्म में काफी महत्व है, लेकिन भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हम अपनों का ख्याल नहीं रख पाते तोह बेचारे जंतुओं का कौन रखे, मामला है हरियाणा का जहाँ शहर के वार्ड नंबर 6 स्थित गली खेत्रपाल वाली में एक महिला ने गलती से सब्जी के छिलकों के साथ अपने स्वर्ण आभूषणों को भी बाहर फेंक दिया। इन स्वर्ण आभूषणों को गली में घूम रहा सांड छिलकों के साथ ही निगल गया। जब महिला द्वारा उतारे गए गहने नहीं मिले तो उन्हें घर में तलाशा गया।

इस बीच, अचानक महिला को याद आया कि रात को गहने उतारने के बाद उसने उन्हें सब्जी की टोकरी में रख दिया था। इसके बाद जब सब्जी की टोकरी को देखा तो पाया कि उसमें आभूषण नहीं थे। सीसीटीवी की फुटेज देखी गई तो सामने आया कि सब्जी के छिलकों के साथ ही आभूषणों को बेसहारा सांड निगल गया।

फिर क्या था बना लिया सांढ़ को अपना बाप और शहर की गलियों में घूमते हुए सांड की पहचान कर उसे पकड़ा गया है। अब परिवार सांड की सेवा में लगा हुआ है। ऊपर वाले की इसी महिमा को हम कहते हैं इ गजबे है…….!

शहर के वार्ड 6 निवासी जनकराज ने बताया कि उनका परिवार गत दिवस किसी समारोह में शिरकत करके लौटा था। घर आने के बाद उनकी पत्नी ने आभूषणों को उतारकर सब्जी की टोकरी में रख दिया। उसके बाद वह भूल गईं। टोकरी में रखे आभूषणों को सब्जी के छिलकों के साथ बाहर फेंक दिया। गली में घूम रहा सांड आया और वह सब्जियों के छिलकों के साथ आभूषणों को भी निगल लिया। उन्होंने बताया कि आभूषणों में एक सोने की चेन व एक अंगूठी थी जिनका वजन तीन तोले था।

घर में काफी तलाशने के बाद भी आभूषण नहीं मिले तो सीसीटीवी फुटेज देखी गई। जांच की तो पता चला कि फेंके छिलकों को एक सांड खा रहा है। परिवार की ओर से सांड को हरा-चारा व अन्य खाद्य सामग्री खिलाकर गोबर के माध्यम से निगले गए आभूषणों के निकलने का इंतजार किया जा रहा है।

जनक राज ने बताया कि पशु चिकित्सकों की ओर से कहा गया कि ऑपरेशन से भी आभूषण निकल सकते हैं, लेकिन इससे सांड की जान को खतरा बताया है। परिजनों का कहना है कि यदि गोबर के माध्यम से गहने नहीं निकलते तो वे दूसरे विकल्प का सहारा नहीं लेंगे।

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