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यूपी में 4 IPS अधिकारियों का तबादला, अनंत देव पर गिरी गाज, STF से हटाए गए

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कानपुर के बिकरू में हुए हत्याकांड के बाद सवालों के घेरे में आए DIG STF अनंत देव का तबादला कर दिया है। उनके अलावा तीन अन्य IPS अधिकारियों का भी तबादला किया है। सुधीर कुमार सिंह को SSP, STF बनाया गया है। इसके अलावा SSP वाराणसी प्रभाकर चौधरी को SSP मुरादाबाद नियुक्त किया गया है। 

SSP मुरादाबाद अमित पाठक को वाराणसी SSP बनाया गया है। सुधीर कुमार सिंह को SSP STF बनाया गया है।

आपको बता दें कि कानपुर की घटना में शहीद डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्रा के वायरल हो रहे पत्र की जांच के लिए शासन ने IG रेंज लखनऊ को जिम्मेदारी सौंपी है। IG रेंज ने इस मामले में जांच शुरू भी कर दी है। यह पत्र डिप्टी एसपी ने तत्कालीन एसएसपी अनंत देव को लिखा था जो एसएसपी ऑफिस के रिकॉर्ड में नहीं है। 

शासन से निर्देश मिलते ही लखनऊ रेंज की IG लक्ष्मी सिंह कानपुर पहुंची और उन्होंने जांच शुरू की। आईजी ने देवेंद्र मिश्रा के घर जाकर उनकी बेटी से वायरल हो रहा पत्र लिया। इसके बाद वह वह CO कार्यालय गईं और कंप्यूटर की पड़ताल की। 

सूत्रों का कहना है कि कंप्यूटर को फोरेंसिक जांच के लिए FSL भेजा जा रहा है। लक्ष्मी सिंह चौबेपुर थाने भी गईं और पत्र में लगाए गए आरोपों की तस्दीक भी की। देर शाम वह SSP ऑफिस भी पहुंचीं जहां खबर लिखे जाने तक उनकी पड़ताल जारी थी।

शहीद CO देवेंद्र मिश्र का यह पत्र सोमवार को बेटी ने घर में रखी फाइल से निकालकर दिया था। इसके बाद सोमवार को ही सीओ कार्यालय सील कर दिया गया था। इस मामले में तत्कालीन SSP अनंत देव तिवारी पर सवाल खड़े हो रहे थे कि CO ने उन्हें पत्र लिखकर विकास दुबे व निलंबित थानेदार विनय तिवारी के साठगांठ की पोल खोली थी तो उन्होंने दोनों पर कार्रवाई क्यों नहीं की? CO ने स्पष्ट रूप से कहा था कि SO विनय तिवारी, विकास दुबे की गोद में बैठा हुआ है। खतरनाक अपराधी पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे इलाके में कोई भी बड़ी वारदात हो सकती है।

CO की आशंका सच भी साबित हुई, जब 2 जुलाई को विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए CO की अगुवाई में 3 थानों से 20 पुलिसकर्मियों की टीम उसने गुर्गों के साथ हमला बोल दिया। इसमें सीओ समेत 8 पुलिसकर्मियों शहीद हो गए, जबकि 6 पुलिसकर्मियों समेत 7 लोग घायल हो गए। मंगलवार सुबह 11 बजे पहुंचीं IG लक्ष्मी सिंह ने सील कार्यालय खुलवाकर पूरे स्टाफ को तलब किया। पूछताछ की, दस्तावेजों का निरीक्षण किया। करीब 12 बजे फॉरेंसिक टीम पहुंची। पुलिस कर्मियों के बयान लेकर वे दोपहर ढाई बजे लौट गईं। पत्रकारों के सवालों पर भी कोई टिप्पणी नहीं की। वे स्वरूप नगर स्थित पामकोर्ट अपार्टमेंट पहुंचीं और शहीद CO की पत्नी आशा, बेटी वैष्णवी व वैशारदी से मिलीं। वे ढाई घंटे तक यहां रुकीं और सीओ के पत्र को लेकर जानकारी ली। स्वजनों ने बताया कि घर में रखी CO की अटैची से खत मिला है।

जय बाजपेयी से भी मिले अनंत देव के संबंध : विकास के खजांची बताए जा रहे जय बाजपेयी से डीआईजी एसटीएफ अनंत देव के गहरे संबंध निकलकर सामने आए हैं। उनकी जय बाजपेयी के साथ कई तस्वीरें सोशल साइट पर वायरल हो रही हैं।

सवाल उठने के मुख्य कारण:-

बिकरू कांड के बाद सवाल उठे कि उन्होंने पूर्व में शहीद CO द्वारा मोबाइल फोन पर की गई शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं की?
शहीद सीओ द्वारा लिखे गए पत्र को भी तत्कालीन SSP ने गंभीरता से क्यों नहीं लिया?
विकास के करीबी बताए जा रहे जय बाजपेयी से भी उनकी नजदीकियां होने की जानकारी मिली है।

खबर लिखे जाने तक IG मोहित अग्रवाल ने जारी किया जांच का आदेश, और लाईन हाजिर किये गये सभी 68 पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया गया है।