तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके (TVK) को बड़ा झटका लगा है. मद्रास हाई कोर्ट ने तिरुपत्तूर सीट से एक वोट से जीतने वाले TVK विधायक आर श्रीनिवास सेतुपति के विधानसभा कार्यवाही में शामिल होने पर रोक लगा दी. इसका मतलब ये है कि वो अब फ्लोर टेस्ट में भाग नहीं ले सकते हैं. इसे लेकर टीवीके के विधायक MLA सीनिवसा सेतुपति ने सुप्रीम कोर्ट को दरवाजा खटखटाया है.
टीवीके विधायक ने विधानसभा में मतदान में हिस्सा न लेने के मद्रास हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश को चुनौती दी है. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार (13 मई 2026) को सुनवाई की बात कही है. राज्य की विजय सरकार को भी उसी दिन विधानसभा में बहुमत साबित करना है. सेतुपति के निर्वाचन के खिलाफ डीएमके प्रत्याशी की चुनाव याचिका के चलते हाई कोर्ट ने उन्हें विधानसभा में मतदान में हिस्सा लेने से मना किया है. सेतुपति को तिरुपुत्तूर सीट से डीएमके प्रत्याशी पेरियाकरुप्पन के खिलाफ सिर्फ 1 वोट से जीत मिली थी. पराजित प्रत्याशी ने चुनाव परिणाम को हाई कोर्ट में चुनौती दी है.
हाई कोर्ट का आदेश
जस्टिस एल. विक्टोरिया गौरी और जस्टिस एन. सेंथिलकुमार की अवकाशकालीन पीठ ने डीएमके उम्मीदवार के. आर. पेरियाकरुप्पन की याचिका पर यह अंतरिम आदेश पारित किया. पेरियाकरुप्पन 23 अप्रैल को हुए चुनाव में तिरुपत्तुर सीट सेतुपति से एक वोट से हार गए थे. कोर्ट ने ये भी स्पष्ट किया कि श्रीनिवास सेतुपति किसी अविश्वास प्रस्ताव पर भी मतदान नहीं कर सकेंगे. चुनाव में श्रीनिवास सेतुपति को 83,365 वोट मिले थे, जबकि पूर्व मंत्री पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट प्राप्त हुए. इसके बाद सेतुपति को एक वोट के अंतर से विजयी घोषित किया गया था.
सरकार के पास है मामूली बहुमत
राज्य की विजय सरकार को बुधवार को ही विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना है. फिलहाल टीवीके गठबंधन के पास 120 विधायक हैं. अगर सेतुपति वोट नहीं दे पाते हैं, तो यह संख्या 119 रह जाएगी. 234 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 का आंकड़ा ज़रूरी है. ऐसे में सरकार के पास फिलहाल सिर्फ एक विधायक की बढ़त बची है.

