नितेश तिवारी की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘रामायण’ 5 नवंबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण के किरदार में नजर आ रहे हैं। रिलीज के बाद फिल्म के भव्य सेट, विजुअल्स और कलाकारों की एक्टिंग खूब चर्चा बटोर रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फिल्म में रावण बने यश को हिंदी में आवाज किसने दी है? दरअसल, यश के किरदार रावण की हिंदी डबिंग अभिनेता शरद केलकर ने की है। उनकी गहरी और दमदार आवाज ने रावण के किरदार को और भी प्रभावशाली बना दिया है।
यश के रावण को शरद केलकर ने दी आवाज
फिल्म में यश ने रावण के किरदार को अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और शानदार अभिनय से प्रभावशाली बनाया है। वहीं, हिंदी दर्शकों तक इस किरदार की आवाज पहुंचाने की जिम्मेदारी शरद केलकर ने निभाई है। रावण जैसे पौराणिक और शक्तिशाली किरदार के लिए आवाज में गहराई, गंभीरता और ठहराव बेहद जरूरी होता है, जो शरद केलकर की आवाज में साफ सुनाई देता है। रावण सिर्फ एक खलनायक नहीं, बल्कि ज्ञान, शक्ति, अहंकार और व्यक्तित्व के कई पहलुओं वाला किरदार है। ऐसे में संवादों का असर बढ़ाने में आवाज की अहम भूमिका होती है। यश की बॉडी लैंग्वेज और अभिनय के साथ शरद केलकर की भारी-भरकम आवाज का तालमेल रावण के किरदार को हिंदी दर्शकों के लिए और भी प्रभावशाली बनाता है।
बाहुबली’ में प्रभास की आवाज बनकर भी बटोरी थी तारीफ
शरद केलकर के लिए बड़े दक्षिण भारतीय सितारों को हिंदी में आवाज देना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले वह एसएस राजामौली की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बाहुबली’ में प्रभास की हिंदी आवाज बन चुके हैं। फिल्म में प्रभास ने अमरेंद्र बाहुबली और महेंद्र बाहुबली की भूमिका निभाई थी। शरद की दमदार और गहरी आवाज ने बाहुबली के किरदार को हिंदी दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। बाहुबली’ के बाद शरद केलकर की आवाज की अपनी अलग पहचान बन गई। अब ‘रामायण’ में यश के रावण के लिए अपनी आवाज देकर उन्होंने एक बार फिर बड़े और भव्य पौराणिक किरदार को हिंदी दर्शकों तक पहुंचाया है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों फिल्मों में शरद ने ऐसे किरदारों को आवाज दी है, जिनकी शख्सियत और स्क्रीन प्रेजेंस बेहद दमदार है।
टीवी से फिल्मों तक ऐसा रहा शरद केलकर का सफर
शरद केलकर ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की थी। ‘सात फेरे: सलोनी का सफर’, ‘कुछ तो लोग कहेंगे’ और ‘एजेंट राघव’ जैसे टीवी शोज में काम कर उन्होंने दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने फिल्मों का रुख किया और ‘हलचल’, ‘रामलीला’, ‘रॉकी हैंडसम’, ‘भूमि’, ‘तान्हाजी’ और ‘ऑपरेशन रोमियो’ जैसी फिल्मों में अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं। ‘तान्हाजी’ में छत्रपति शिवाजी महाराज के किरदार में भी उनके अभिनय को काफी पसंद किया गया। एक्टर के तौर पर पहचान बनाने के साथ-साथ शरद केलकर ने वॉइसओवर की दुनिया में भी खास मुकाम हासिल किया। ‘बाहुबली’ में प्रभास की हिंदी आवाज बनने के बाद उनकी आवाज घर-घर में पहचानी जाने लगी। अब ‘रामायण’ में यश के रावण को अपनी दमदार आवाज देकर शरद ने एक बार फिर दिखा दिया है कि किसी किरदार के असर को बढ़ाने में आवाज की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।

