डिटेंशन सेंटर पर PM को घेरने वाले राहुल गांधी को BJP ने बताया झूठों का सरदार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर PM नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत हमला किया है। इस बार राहुल गांधी ने उन्हें RSS का प्रधानमंत्री कहा है। राहुल के इस बयान पर BJP के प्रवक्ता डॉ संबित पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि ऐसा कोई डिटेंशन कैंप नहीं है, जिसमें NRC के बाद हिंदुस्तान के मुसलमानों को रखा जाएगा। ये झूठ फैलाया जा रहा है। इसमें प्रधानमंत्री जी ने क्या झूठ बोला है? साथ ही राहुल गांधी को झूठों का सरदार करार दिया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि राफेल पर झूठ फैलाने के बाद सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी जी ने माफी मांगी थी। अब वह प्रधानमंत्री जी की बात को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी ने कुछ ट्वीट किया है और जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया है वो बहुत आपत्तिजनक है। राहुल गांधी ने कहा कि RSS का प्रधानमंत्री भारत माता से झूठ बोलता है। मुझे लगता है राहुल गांधी से भद्रता और अच्छी भाषा की अपेक्षा करना ही गलत है। भारत की जनता इतनी समझदार है कि वह झूठे और काम करने वाले के बीच में अंतर कर सके। जैसा कि हमारे पास राहुल गांधी के रुप में एक झूठा है वैसे ही PM मोदी के रुप में हमारे पास एक काम करने वाला शख्स भी है।

पात्रा ने आगे कहा कि राहुल गांधी जी को किसी भी विषय पर कोई ज्ञान नहीं है लेकिन, उन्हें सभी विषय पर बोलना है। इनका मकसद ना तो NPR का है और ना ही CAA का है। इनका मकसद एक है कि ये चाय वाला कैसे PM बन गया।

जानकारी के लिए बता दें कि राहुल गांधी ने PM मोदी पर हमला करते हुए एक ट्वीट किया है। इस ट्वीट में उन्होंने PM मोदी के लिए कहा है, ‘RSS का प्रधानमंत्री भारत माता से झूठ बोलता हैं।’ अपने ट्वीट में राहुल गांधी ने असम के एक डिटेंशन सेंटर की वीडियो भी डाली है। मालूम हो कि असम का ये डिटेंशन सेंटर वहां NRC लागू होने के बाद अस्थाई तौर पर बनाया गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी इसकी जानकारी दे चुके हैं। अमित शाह ने कहा कि डिटेंशन सेंटर बनाया जाना एक सतत प्रक्रिया है। अगर कोई विदेशी नागरिक पकड़ा जाता है तो उसे इसमें रखा जाता है। शाह से जब पूछा गया कि देश में फिलहाल कितने डिटेंशन सेंटर है तो उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी में असम में एक है उसके अलावा मेरी जानकारी में कोई नहीं है। मैं कन्फर्म नहीं हूं।

जानकारी के लिए बता दें कि डिटेंशन सेंटर में अवैध अप्रवासियों को रखा जाता है। जिन्हें अदालतों द्वारा विदेशी घोषित कर दिया गया हो। या फिर ऐसे विदेशियों को रखा जाता है जिन्होंने किसी जुर्म में अपनी सजा काट ली हो और अपने देश वापस जाने के इंतजार कर रहे हों। विदेशी कानून 1946 के सेक्शन 3 (2) सी में केंद्र सरकार के पास भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को उनके देश भेजने का अधिकार है। इसके अलावा राज्य भी डिटेंशन सेंटर स्थापित कर सकते हैं।

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