संसद के मॉनसून सत्र 18वें दिन भी विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी रहा. विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी और जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर अड़ा है. हंगामे के बीच लोकसभा में सरकार ने विवादित एफसीआरए (FCRA) संशोधन बिल को संसद की संयुक्त समिति को भेजने का प्रस्ताव पास किया. विपक्षी दलों ने एफसीआरए बिल को जेपीसी के पास भेजने के प्रस्ताव का विरोध किया और बिल को वापस लेने की मांग की.
विपक्षी दलों ने एफसीआरए बिल को वापस लेने की मांग की
लोकसभा में विपक्षी दलों ने एफसीआरए (FCRA) बिल को जेपीसी के पास भेजने के प्रस्ताव का विरोध किया और बिल को वापस लेने की मांग की.
लोकसभा में FCRA संशोधन बिल जेपीसी को भेजने का प्रस्ताव पास
सरकार ने बुधवार को विवादित ‘विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन बिल, 2026’ को संसद की संयुक्त समिति के पास विस्तृत समीक्षा और संभावित सुझावों के लिए भेजने का प्रस्ताव रखा जिसे बाद में पास कर दिया गया. लोकसभा के 12 अगस्त के सप्लीमेंट्री एजेंडा के अनुसार, ‘विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन बिल, 2026 को सदनों की एक संयुक्त समिति को भेजा जाए, जिसमें इस सदन के 21 सदस्य (जिन्हें लोकसभा अध्यक्ष नामित करेंगे) और राज्यसभा के 10 सदस्य (जिन्हें राज्यसभा के सभापति नामित करेंगे) शामिल हों.’ इसमें कहा गया है कि समिति को शीतकालीन सत्र 2026 के पहले सप्ताह के आखिरी दिन तक लोकसभा को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी.
लोकसभा में एफसीआरए संशोधन बिल जेपीसी को भेजने का प्रस्ताव रखा गया
सरकार ने विवादित एफसीआरए (FCRA) संशोधन बिल को संसद की संयुक्त समिति को भेजने का प्रस्ताव रखा. सरकार ने बुधवार को विवादित ‘विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन बिल, 2026’ को संसद की संयुक्त समिति के पास विस्तृत समीक्षा और संभावित सुझावों के लिए भेजने का प्रस्ताव रखा. इस समिति में 31 सदस्य होंगे, जिनमें 21 लोकसभा से और 10 राज्यसभा से होंगे.

