CJP नेताओं से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। सौरव दास और आशुतोष रांका से जुड़े मामले में जमानत याचिका वापस लिए जाने की खबर चर्चा में है। इस दौरान दोनों की उम्र को लेकर अदालत में की गई टिप्पणी ने भी लोगों का ध्यान खींचा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, CJP से जुड़े नेताओं की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट में जमानत की मांग की गई थी। हालांकि, बाद में याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। इस घटनाक्रम के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सुनवाई के दौरान जज ने सौरव दास और आशुतोष रांका की उम्र के संदर्भ में टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें Gen Z की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इस टिप्पणी को लेकर चर्चा हो रही है, क्योंकि Gen Z शब्द आमतौर पर युवा पीढ़ी के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
हालांकि, जमानत याचिका वापस लेने के सटीक कारणों और अदालत की टिप्पणी के पूरे संदर्भ को समझने के लिए आधिकारिक अदालती रिकॉर्ड देखना जरूरी है।
अब सबकी नजर इस मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है। आने वाले दिनों में अदालत की कार्यवाही से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं।

