गर्मियों के मौसम में पाकिस्तान हमेशा से ही जम्मू कश्मीर में आतंकी घुसबैठ की कोशिशों और आतंकी हमले को कोशिशों को बढ़ा देता है. पहलगाम में हुआ हमला भी उसी की एक कड़ी है. अमूमन टूरिस्ट को निशाना नहीं बनाया जाता. लेकिन इस बार ऐसा हुआ. पीएम मोदी ने दो बार पाकिस्तान के सर्जिकल अटैक और एयर स्ट्राइक के जरिए सबक सिखाया. पाकिस्तान को इस बात का डर था कि अगर कोई भी हमला होता है उसका पलटवार जरूर होगा. लेहाजा पहलगाम हमले के बाद से पीओके में सन्नाटा पसर गया है. पाक फौज अपने पोस्ट को छोड़ अपने बंकरों में दुबक गई है. अब पोस्ट पर तैनात रहने वाले पाक सैनिक दिखाई नहीं दे रहे है. LOC पर भारतीय सेना ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है.
पाक ने पहले से ही जारी किया है हाई अलर्ट
पाकिस्तानी सेना ने LOC पर चार साल से चले आ रहे सीज फायर को इसी महीने ही तोड़ दिया था. वह भी एक दिन में दो बार फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था.भारतीय सेना ने भी पाकिस्तानी सेना की फायरिंग का माकूल जवाब दिया. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने पूरे LOC पर हाई अलर्ट जारी कर दिया. यह हाई अलर्ट उसी दिन जारी किया जिस दिन उसने सीजफायर का उलंघन किया था.पाक फौज ने सभी जवानों को अलर्ट किया था कि बहुत संभल कर रहे और खुद को खुले इलाके से दूर रखें. पिछले साल अमरनाथ यात्रा से पहले भी पाकिस्तान ने पूरी LOC पर हाई अलर्ट किया था. जम्मू में यात्रियों के बस पर हमले और एक के बाद आतंकी हमले के बाद से ही पाकिस्तान ख़ौफ में था. पाकिस्तान को भारतीय सेना के क्रास बॉर्डर रेड या सर्जिकल स्ट्राइक का डर सता रहा था. LOC और IB पर पाकिस्तान ने हाई अलर्ट जारी किया हुआ था. पाकिस्तानी सेना के 10 कोर जिसकी ज़िम्मेदारी पूरे पीओके की है. उसने अपनी सैनिकों का तादात को भी बढ़ा दिया था.
क्या होता है रेड अलर्ट?
भारतीय सेना की तैनाती LOC पर बहुत मजबूत है. सामान्य दिन में भी सेना अलर्ट पर रहती है. लेकिन रेड अलर्ट के बाद और मुस्तैदी बढ़ा दी जाती है. जितनी भी फोर्स रिजर्व में होती है उनके लिए वॉरनिंग ऑर्डर जारी कर दिया जाता है. कि जब भी जरूरत होगी तो उनकी तैनाती की जाएगी. उरी सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट स्ट्राइक के वक्त भी पूरी LOC और IB रेड अलर्ट पर था.

