ईरान युद्ध का असर पूरी दुनिया पर हो रहा है। कच्चे तेल के भाव में उछाल से दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। इससे दुनियाभर के शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट है। हालांकि, पहली बार ऐसा हुआ है कि युद्ध के बीच सोना और चांदी के भाव लगातार नीचे जा रहे हैं। आखिर, ऐसा क्यों हो रहा है? इन दोनों कीमती धातु के भाव में कहां तक आ सकती है गिरावट? आइए समझने की कोशिश करते हैं।
आम निवेशकों के बीच सोना और चांदी हमेशा से ‘सेफ हेवन’ रहा है। दुनिया में कही युद्ध हो या कोई और संकट, सोने और चांदी ने निवेशकों को शानदार रिटर्न देने का काम किया, लेकिन इसा बार स्थिति बिल्कुल उल्टी है। ईरान युद्ध के कारण एक ओर जहां शेयर बाजार में बड़ी गिरावट जारी है, वहीं दूसरी ओर सोना और चांदी भी लगातार टूट रहा है। इससे निवेशकों को समझ में नहीं आ रहा कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? अब वो अपनी गाढ़ी कमाई कहां लगाए? अगर आप भी इस विकट परिस्थिति से जूझ रहे हैं और इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं तो चलिए आपको इसका बिल्कुल सटीक जवाब देते हैं। आइए समझते हैं कि सोना और चांदी क्यों टूट रहा है और इसका भाव कहां तक जा सकता है?
सोना ₹37,000 टूटा, चांदी ₹1.89 लाख हुई सस्ती
अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीच सोने और चांदी में गिरावट जारी है। आज सोमवार (16 मार्च) को पर सोने और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट है। MCX पर silver करीब 4,222 रुपये टूट कर 2,55,213 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। वहीं सोने में भी 1,866 रुपये की गिरावट है। सोना टूटकर 1,56,600 रुपये पर पहुंच गया है। आपको बता दें कि सोने ने 1.93 लाख रुपये का हाई लगाया था। वहीं, चांदी की कीमत रिकॉर्ड 4.39 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पहुंची थी। इस भाव से देखें तो सोने में 37,000 रुपये और चांदी में 1.89 लाख रुपये की गिरावट आ गई है।

सोने-चांदी में अभी और गिरावट आएगी: अजय केडिया
केडिया कमोडिटी के संस्थापक और निदेशक, अजय केडिया ने टाइम्स नाउ हिंदी को बताया कि सोने और चांदी में अभी और गिरावट की पूरी संभावना है। वैश्विक मार्केट में सोना अभी 5000 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा है। जिस तरह के हालात हैं, उसको देखते हुए यह टूटकर 4700 डॉलर प्रति औंस तक आ सकता है। इस स्थिति में भारतीय बाजार में सोने की कीमत 1 लाख 45 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास होगी। वहीं, चांदी की कीमत गिरकर 2 लाख 35 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक आने की संभावना है। सोने और चांदी में यह भाव एक महीने में देखने को मिल सकता है।
युद्ध के बावजूद इसलिए गिर रहा है सोना-चांदी?
- ईरान का दुबई पर हमला
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने और ईरान द्वारा दुबई पर हमले की खबरों से फाइनेंशियल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ गई है। दुबई सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि ग्लोबल गोल्ड ट्रेडिंग और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन का केंद्र है। जब ईरान ने दुबई जैसे हब को निशाना बनाया, तो वित्तीय बाजारों में ‘पैनिक सेलिंग’ शुरू हो गई। इसकी वजह से शेयर बाजार से लेकर सोने और चांदी में गिरावट है।
- डॉलर इंडेक्स (DXY) 100 के पार
ईरान युद्ध के बीच डॉलर इंडेक्स 100 के पार निकला गया है। जब भी डॉलर इंडेक्स मजबूत होता है, सोने और चांदी में गिरावट आती है। अनिश्चितता के माहौल में दुनिया भर के निवेशक सोने से ज्यादा अमेरिकी डॉलर को सुरक्षित मान रहे हैं। डॉलर इंडेक्स का 100 के ऊपर जाना यह दर्शाता है कि ग्लोबल करेंसी मार्केट में डॉलर की डिमांड बहुत अधिक है, जिससे सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में टूट रही हैं।
- अमेरिकी फेड का यू-टर्न
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जब से सत्ता संभाले थे, तब से फेड पर ब्याज दरों में कटौती का दबाब बना रहे थे। लेकिन ईरान युद्ध के बाद स्थिति बदल गई है। अब फेड ने संकेत दिया है कि इस साल वह सिर्फ एक ही रेट कट करेगा। ब्याज दरें ऊंची रहने का मतलब है कि डॉलर और बॉन्ड्स आकर्षक बने रहेंगे, जिससे बिना ब्याज वाले ‘सोने’ से निवेशकों का मोह भंग हो गया है। इसलिए सोना और चांदी टूट रहे हैं।
- बॉन्ड यील्ड (Bond Yield) में उछाल
अमेरिका-इजरायल और ईरान में जारी युद्ध से बॉन्ड यील्ड में बड़ा उछाल आया है। आपको बता दें कि जब सरकारी बॉन्ड्स (US 10-Year Treasury) पर रिटर्न बढ़ने लगता है, तो बड़े निवेशक सोने में पैसा लगाने के बजाय बॉन्ड्स में पैसा लगाना पसंद करते हैं क्योंकि वहां ‘गारंटीड रिटर्न’ मिल रहा है। हायर यील्ड सोने की होल्डिंग कॉस्ट को बढ़ा देती है। इसलिए भी लगातार सोना टूट रहा है।
- ETF में भारी बिकवाली और वोलैटिलिटी
गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) से बड़े निवेशकों ने पैसा निकालना शुरू कर दिया है। जब बड़े फंड्स एक साथ बाजार से बाहर निकलते हैं, तो सोने की कीमतों में गिरावट की रफ्तार और तेज हो जाती है। वहीं दूसरी ओर ईरान संकट के कारण बाजार में वोलैटिलिटी चरम पर है। इसलिए फिजिकल गोल्ड और सिल्वर खरीदने वाले निवेशक इसको खरीदने से बच रहे हैं।

