बिहार में NDA के परिवारवाद पर RJD का निशाना, जारी की नीतीश कुमार के वंशवाद वाले मंत्रियों की लिस्ट
बिहार में NDA के परिवारवाद पर RJD का निशाना, जारी की नीतीश कुमार के वंशवाद वाले मंत्रियों की लिस्
बिहार में NDA के परिवारवाद पर RJD का निशाना, जारी की नीतीश कुमार के वंशवाद वाले मंत्रियों की लिस्
बिहार कांग्रेस तथाकथित अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव यादव जिनकी नियुक्ति कल ही हुई है, स्वयं बिहार कांग्रेस में भाजपा के स्लीपर सेल के रूप में काम कर रहे हैं और चुनाव में भी किया है। जिसका जीता जागता प्रमाण है कि भाजपा मंत्री नितिन नवीन के जीतनें के बाद ये उन्हें बधाई देकर शायद
कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष निकला भाजपा का एजेंट Read More »
कभी दी जाती थी एकजुटता की मिसाल, अंदरखाने क्या हुआ, जानें आगे क्या होगा
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भले ही एक भी सीट न जीती हो, लेकिन 35 विधानसभा क्षेत्रों में उसके वोट जीत के अंतर से ज्यादा रहे। इन सीटों पर JSP की मौजूदगी ने मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया और एनडीए से लेकर महागठबंधन तक सभी दलों के समीकरण बदल
बिहार चुनाव परिणाम के बाद लालू परिवार में कलह सुर्खियों में है. रोहिणी आचार्य ने हार के बाद गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे पारिवारिक फूट सार्वजनिक हो गई है. यह पहली बार नहीं है. इससे पहले तेजप्रताप-ऐश्वर्या विवाद और तेजप्रताप की पार्टी से बगावत भी सुर्खियों में रही है. बिहार चुनाव परिणाम के बाद जितनी
बिहार चुनाव में ओवैसी ने अपनी पार्टी के लिए जमकर चुनाव प्रचार किया। शहर, गांवों, नक्कड़ पर जनसभाएं कीं और एनडीए, राजद सहित महागठबंधन को अपने निशाने पर लिया। अपनी रैलियों ने उन्होंने सीमांचल के पिछड़ेपन, वहां की गरीबी, बेरोजगारी, पलायन, स्वास्थ्य और शिक्षा को मुद्दा बनाया। ओवैसी ने बताया कि विकास के सभी मानकों
Surya-Budh Yuti In Vrischika 2025: सूर्य और बुध के साथ आने से युति बनेगी और उससे बुधादित्य योग का निर्माण होगा, जिसे बेहद ही शुभ माना जाता है. ज्योतिषविदों के अनुसार, बुधादित्य योग चार राशि के जातकों के बहुत अच्छे परिणाम दे सकता है. इनका भाग्य चमक सकता है. आइए जानते हैं कि ये चार
Surya-Budh Yuti 2025: कल सूर्य-बुध बनाएंगे युति, इन 4 राशि वालों का चमकेगा भाग्य ! Read More »
पीके ने जद (यू) को लेकर भविष्यवाणी की थी कि नीतीश कुमार की पार्टी 25 सीटें से ज्यादा नहीं जीतेगी। किशोर की अपनी पार्टी के लिए राह बेहद कठिन साबित हुई। जन सुराज पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी। क्या रहे हार के कारण, जानिए। देश के कई राजनीतिक दलों की सफलता में भूमिका