CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका के मामले में बड़ी खबर सामने आई है। दोनों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग को लेकर अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान SEM कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
अब सबकी नजर अदालत के अगले आदेश पर टिकी है। न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग पर फैसला आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों को आगे भी हिरासत में रहना होगा या उन्हें कोई राहत मिलती है।
इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा बनी हुई है। हालांकि, अदालत में सुनवाई के दौरान किन दलीलों को रखा गया और सरकारी पक्ष तथा बचाव पक्ष ने क्या कहा, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना अभी जरूरी है।
कानूनी मामलों में हिरासत बढ़ाने की मांग और अदालत का फैसला दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। फैसला सुरक्षित रखने का अर्थ है कि अदालत इस विषय पर अपना आदेश बाद में सुनाएगी। इसे किसी भी पक्ष के पक्ष या विपक्ष में अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता।
फिलहाल, सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत को लेकर अदालत के अंतिम आदेश का इंतजार है। मामले में आगे क्या होता है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।
हाई कोर्ट ने सौरव और रांका को लगाई फटकार
बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट से फटकार के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका ने दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत की याचिका वापस ले ली थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आशुतोष रांका और सौरव दास को फटकार भी लगाई। हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि-:
- जब CJM कोर्ट में सुनवाई तो यहां क्यों आए?
- जंतर-मंतर में प्रदर्शन पर रोक थी तो क्यों गए? बॉन्ड भरने के बाद याचिकाकर्ता जंतर-मंतर गए
- याचिकाकर्ता बैरिकेड तोड़ते तो दूसरे लोग पहुंचते, बैरिकेड तोड़ने पर प्रदर्शन हिंसक हो जाता तो जिम्मेदारी किसकी होती ?
- दिल्ली हाई कोर्ट ने सौरव दास, रांका की उम्र पूछी और कहा कि सौरव दास, आशुतोष रांका GEN-Z नहीं हैं
- प्रदर्शन शांतिपूर्ण रखना था, तो पुलिस से अनुमति ली जा सकती थी?
- बॉन्ड तोड़ने के बाद सख्त बॉन्ड की शर्त पर आपत्ति क्यों?
सौरव और आशुतोष की मुसीबत बढ़ी
आपको बता दें कि CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की मुसीबत बढ़ती जा रही है। जंतर-मंतर से जुड़ा दूसरा मामला भी क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है। कनॉट प्लेस वाला मामला सोमवार को क्राइम ब्रांच को सौंप गया था। अब जंतर-मंतर से जुड़ा दूसरा मामला भी क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है।

