पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Elections 2021) में सीट बंटवारे के लिए कांग्रेस और वाम दलों (Congress-CPM) के बीच दूसरे दौर की बातचीत गुरुवार को हुई। अब तक 193 सीटों पर बात हो चुकी है। अभी तक हुए समझौते के अनुसार कांग्रेस 92 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, लेफ्ट पार्टियां 101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। बाकी 101 सीटों पर पार्टियों के बीच अगले दौर की बातचीत में बंटवारा किया जाएगा। पार्टियों ने सोमवार को फैसला किया था कि वे साल 2016 के चुनावों में क्रमश: जीती गई सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। साल 2016 में वाम-कांग्रेस गठबंधन ने 77 सीटें जीती थीं, जिसमें से 44 पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, ‘आज हमने तय किया है कि हम संबंधित 44 और 33 सीटें अपने-अपने पास रखेंगे जो कांग्रेस और वाम दलों ने साल 2016 में जीती थीं। बाकी 217 सीटों पर बातचीत जारी है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि महीने के आखिर तक सीटों का बंटवारा पूरा हो जाएगा।
इससे पहले जनवरी में वाम मोर्चे के अध्यक्ष और CPI-M पोलित ब्यूरो के सदस्य बिमान बोस ने कहा था कि पार्टियों के बीच गठबंधन ‘सांप्रदायिक बल BJP और फासिस्ट TMC (तृणमूल कांग्रेस) को हराने के लिए होना चाहिए।’ वामपंथी नेता ने कहा था, ‘गठबंधन निश्चित रूप से बंगाल में मौजूदा शासन को खत्म कर देगा।’
294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव अप्रैल-मई में असम, तमिलनाडु और केरल के साथ होने की संभावना है। साल 2016 के पश्चिम बंगाल चुनावों में, तृणमूल ने अपना बहुमत बरकरार रखा था और 211 सीटें जीती थीं, जबकि BJP ने तीन सीटें जीती थीं। हालांकि साल 2019 के लोकसभा चुनावों में, वाम और कांग्रेस ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में कांग्रेस ने दो और वाम मोर्चे ने 1 भी सीट नहीं जीती।

