Baramati Plane Crash

Baramati Plane Crash: अजित पवार ने आखिरी फोन किसे किया था? लैंडिंग के बाद अभी होनी थी आगे की बात

Baramati Plane Crash: महाराष्ट्र सरकार में उप मुख्यमंत्री और कद्दावर नेता के तौर पर जाने जाने वाले अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत हो गई. बुधवार, 28 जनवरी, सुबह बारामती में प्लेन क्रैश में अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई.

अजित पवार सुबह 28 जनवरी मुंबई से प्लेन से बारामती के लिए निकले थे. बारामती पहुंचने के बाद लैंडिंग के दौरान प्लेन क्रैश हो गया. इस बीच, अजित पवार का आखिरी फोन कॉल बीजेपी विधायक और भतीजे राणाजगजीतसिंह पाटील को था. प्लेन में चढ़ने से पहले अजित पवार ने राणाजगजीतसिंह पाटील से बात की थी. इसके बाद, अगली बातचीत बारामती में लैंडिंग के बाद होनी थी.

राणाजगजीतसिंह पाटील ने कहा आज मेरी ज़िंदगी के सबसे दुखद दिनों में से एक है. यह जानकर सच में दिल टूट गया कि न सिर्फ़ एक चाचा के तौर पर, बल्कि एक ऐसे व्यक्तित्व के तौर पर जिन्होंने ज़िंदगी के हर मोड़ पर मेरा मार्गदर्शन किया, मुझे हिम्मत दी और मुश्किल हालात में मज़बूती से खड़े रहना सिखाया, वे अब नहीं रहे.

बचपन से ही उन्होंने मुझे काम से राजनीति, समाज सेवा और ज़िम्मेदारी का सही मतलब सिखाया. मैंने हमेशा उनकी संगत से सीखा कि बातों से ज़्यादा काम पर विश्वास करना चाहिए, फ़ैसले लेते समय जनता के हित को ध्यान में रखना चाहिए. निजी रिश्ते से परे, वे हमेशा मेरे लिए एक रोल मॉडल और प्रेरणा रहे हैं, बीजेपी विधायक राणा जगजीतसिंह पाटील ने कहा.

हादसे से कुछ समय पहले फोन पर बातचीत

पाटील ने कहा कि मेरा दिमाग सचमुच सुन्न हो गया है. हादसे से कुछ समय पहले मेरी उनसे फ़ोन पर बात हुई थी. वह आवाज़, जो हमेशा की तरह प्यार से बोल रही थी, अभी भी मेरे कानों में गूंज रही है. और यह बताना बहुत मुश्किल है कि आधे घंटे के अंदर यह बुरी खबर सुनकर मुझे कैसा लगा. यह भयानक एहसास कि ज़िंदगी एक पल में कैसे खत्म हो जाती है, बहुत परेशान करने वाला है. निजी रिश्तों से परे, वे मेरे लिए लगातार मार्गदर्शक और मज़बूत सहारा थे.

उस आखिरी बातचीत की याद मेरे मन में बहुत ज़्यादा भावनात्मक उथल-पुथल मचा रही है, मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है, यह मानना ​​अभी भी मुमकिन नहीं है कि अजित काका हमें छोड़कर चले गए हैं, बीजेपी विधायक राणा जगजीतसिंह पाटील ने कहा. इस घटना से न सिर्फ़ हमारे परिवार को, बल्कि पूरे राज्य को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है. एक सक्रिय, अनुभवी और जनहितैषी नेतृत्व से वंचित होने का एहसास और भी गहरा होता जा रहा है.

राज्य को लंबे समय तक किसानों, मजदूरों और आम लोगों के मुद्दों पर काम करने वाले नेता को खोने का दर्द महसूस होता रहेगा. बीजेपी विधायक राणाजगजीतसिंह पाटील ने भी कहा कि उनके जाने से जो खालीपन आया है, उसे भरना मुश्किल होगा.

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