बारामती में बुधवार, 28 जनवरी 2026 की सुबह हुए विमान हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखता है कि लैंडिंग के दौरान विमान अचानक असंतुलित हुआ, तेज धमाके के साथ जमीन से टकराया और पल भर में आग के गोले में बदल गया. सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि टक्कर के साथ ही चारों तरफ धुआं फैल गया. आग इतनी भयानक थी कि पास खड़े लोग भी कुछ देर तक नजदीक नहीं जा सके.
शव पहचान से परे, घड़ी बनी पहचान
हादसा इतना वीभत्स था कि विमान में सवार अजित पवार का शव पहचान पाना भी मुश्किल था. बचाव दल जब मौके पर पहुंचा, तो जले हुए अवशेषों के बीच पहचान करना बेहद मुश्किल था.
अधिकारियों ने बताया कि कपड़ों और निजी सामानों की मदद से शिनाख्त की गई. इसी दौरान एक हाथ में बंधी खास घड़ी और उनकी बेल्ट (स्ट्रैप) ने अहम भूमिका निभाई. उसी घड़ी के आधार पर पुष्टि हुई कि यह शव अजित पवार का है. बाद में परिवार और सुरक्षाकर्मियों ने भी उसी घड़ी को पहचान लिया.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि क्रैश के बाद विमान कम से कम 20 मिनट तक आग की चपेट में रहा. तेज लपटों और धुएं के कारण बचाव कार्य में रुकावट आई. दमकल कर्मियों ने हालात काबू में आने के बाद ही मलबे के पास पहुंचकर तलाशी शुरू की.
जांच के लिए AAIB सक्रिय
हादसे की गंभीरता को देखते हुए एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की टीम जांच के लिए दिल्ली से पुणे और फिर बारामती रवाना हो गई है. टीम क्रैश के कारणों, तकनीकी खामी और मानवीय पहलुओं की पड़ताल करेगी. सीसीटीवी फुटेज और फ्लाइट डेटा को भी खंगाला जा रहा है.
राज्य में शोक की घोषणा
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा, “हमने राज्य में तीन दिन का शोक घोषित किया है.” सरकार ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा भी दिलाया है.

