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अयोध्‍या में राम मंदिर और जम्‍मू-कश्‍मीर पर हमले की साजिश, बढ़ाई गयी सुरक्षा

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जम्मू-कश्मीर में मई महीने में ईद-उल-फितर पर जनता को निशाना बनाने में विफल रहने के बाद आतंकी बौखलाए हुए हैं। पांच अगस्त को जम्‍मू-कश्‍मीर में अनुच्छेद 370 खत्‍म होने की पहली वर्षगांठ और अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का कार्य शुरू होने पर अफगानिस्तान के जलालाबाद में पाकिस्तानी सेना के स्‍पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) द्वारा प्रशिक्षित तालिबानी आतंकवादी अब भारत के कुछ हिस्सों में हमले की साजिश रच रहे हैं।


नवीनतम खुफिया जानकारी जो पिछले कुछ हफ्तों में मिली कई सूचनाओं का संकलन है। इसके अनुसार, आतंकवादियों ने स्वतंत्रता दिवस पर भी हमलों की साजिश रची है। खुफिया एजेंसी द्वारा मिली विस्तृत सलाह के बाद अयोध्या, दिल्ली, जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

जम्‍मू-कश्‍मीर में हमले की साजिश हो गर्इ थी विफल

खुफिया एडवाइजरी के अनुसार, ईद-उल-फितर के बाद संभवत: 26 मई से 29 मई 2020 के बीच जम्मू-कश्मीर में हमले के लिए अफगानिस्‍तान के जलालाबाद में पाकिस्तान सेना के एसएसजी द्वारा लगभग 20 तालिबान आतंकियों को प्रशिक्षित किया गया था। हालांकि, सुरक्षा बलों की पर्याप्त सतर्कता के कारण आतंकवादी हमले को अंजाम नहीं दे सके।

खुफिया जानकारी में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान सेना 20-25 द्वारा प्रशिक्षित कैडरों को जम्मू-कश्मीर के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा/नियंत्रण रेखा और भारत-नेपाल सीमा के माध्यम से 5 से 6 ऐसे कैडरों की घुसपैठ की कोशि‍श की जाएगी।


5 या 15 अगस्त, 2020 को हमले करने की साजिश

सुरक्षा एजेंसियों ने आकलन किया है कि यह आतंकी हमला पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के खत्‍म होने की वर्षगांठ के अवसर पर, अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के अवसर पर या 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान होगा। उन्होंने कहा कि इससे इंकार नहीं किया जा सकता। आतंकवादी 5 पांच या 15 अगस्त, 2020 को हमले करने की साजिश रच रहे हैं। इसकी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सैनिकों और सुरक्षा एजेंसियों को ऐसी घटनाओं को विफल करने के लिए अधिक चौकन्‍ना और अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित एजेंसियों और पुलिस को सख्त निगरानी रखने और मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार समन्वय करने के लिए कहा गया है।

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