शराब छोड़ते ही शरीर और दिमाग में आते हैं हैरान करने वाले बदलाव, जानकर चौंक जाएंगे!

आज के समय शराब पीना कई लोगों के लिए ट्रेंड जैसा बन गया है, खासकर युवाओं और कामकाजी वर्ग में इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। हेल्थ एक्सपर्टस का मानना है कि सीमित मात्रा में शराब उठनी हानिकारक नहीं होती, लेकिन नियमित रूप से इसका सेवन शरीर और दिमाग दोनों पर नकरात्मक असर डाल सकता है। शराब की लत लीवर सहित कई अंगों को नुक़सान पहुंचाती है और ओवरऑल हेल्थ को बिगाड़ देती है। यही वजह की इसे बहुत से लोग छोड़ना चाहते हैं, लेकिन लत से बाहर निकलना आसान नहीं होता है और इसका असर शरीर और मानसिक स्थिति पर भी दिखते हैं।

  1. शुरुआती कुछ दिन (24 से 72 घंटे)
    शराब छोड़ने के बाद शुरुआती 24 से 72 घंटे सबसे चुनौतीपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि इस दौरान शरीर से हानिकारक तत्व निकलने लगते हैं। इस स्थिति को विड्रॉल फेज कहा जाता है। शुरुआत में बेचैनी,चिड़चिड़ापन और नींद न आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके साथ ही हाथ कांपना, ज्यादा पसीना आना,सिरदर्द और मतली जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।

2.पहला हफ्ता (7दिन बाद)
शराब छोड़ने के करीब 7 दिनों के अंदर शरीर और दिमाग पर अच्छे बदलाव दिखने लगते हैं। इस दौरान आपकी स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होती है और नींद की गुणवत्ता में सुधार आता है। एक हफ्ते बाद नींद पहले से ज्यादा गहरी और सुकून भरी हो जाती है। साथ ही त्वचा में निखार दिखने लगता है और आंखों के निचे काले घेरे भी कम हो सकते हैं।

3.दो से चार हफ्ते बाद
शराब छोड़ने के बाद लीवर में जमा अतिरिक्त फैट धीरे-धीरे कम होने लगता है और यदि ज़्यादा नुक्सान नहीं हुआ हो, तो लीवर खुद को ठीक करने की प्रक्रिया शुरू कर देता है। शराब में मौजूद अतिरिक्त कैलोरी बंद होने से पेट की चर्बी घट सकती है और पाचन तंत्र भी बेहतर काम करने लगता है। इसके साथ ही दिमाग पर पड़ा असर कम होता है, ब्रेन फॉग धीर-धीर खत्म होने लगता है और एकाग्रता व याददाश्त में सुधार देखने को मिलता है।

4.एक से तीन महीने के बाद
शराब छोड़ने के 1 से 3 महीने के भीतर शरीर को रोग प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत होने लगती है, जिससे बार बार बीमार पड़ने की क्षमता कम हो जाती है। साथ जी हाई ब्लड प्रेशर का स्तर भी नियंत्रित होने लगता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा घट सकता है।

{डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता का उद्देश्य से है। किसी भी तरह का फिटनेस रूटीन अपनाने, डाइट में बदलाव करने या स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी कदम उठाने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।}

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