प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा है कि उनकी नीतियों के केंद्र में देश के युवा हैं। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को मजबूत और विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और संकल्प का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमता का इस्तेमाल देश को आगे बढ़ाने के लिए करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक ज्ञान की महत्ता पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भगवद्गीता और वेदांत के ज्ञान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है। उनके मुताबिक, भारतीय परंपराओं और आधुनिक प्रगति के बीच बेहतर तालमेल देश के भविष्य को नई दिशा दे सकता है।
यह तीन दिवसीय सम्मेलन 23 से 25 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में भारत और विदेशों से हजारों प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।
पीएम मोदी के संबोधन में युवाओं की भागीदारी, भारतीय संस्कृति और विकसित भारत के निर्माण का संदेश प्रमुखता से सामने आया।

