बिहार विधानसभा के पहले चरण की 71 सीटों पर प्रचार का दौर सोमवार को खत्म हो गया है। यहां 28 अक्टूबर को मतदान होना है। इस पर देश भर की निगाहें हैं, क्योंकि Corona के दौरान किसी आम चुनाव के लिए यह पहला मतदान होगा। इस दौर में कुल 1064 प्रत्याशी हैं। पहले चरण में 8 मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। मोकामा के बाहुबली प्रत्याशी Anant Singh पर भी सबों की नजरें टिकी रहेंगी।
राज्य सरकार के 8 मंत्रियों की होगी परीक्षा
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार एवं शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा समेत राज्य सरकार के आठ मंत्रियों की परीक्षा होनी है। पहले चरण में जिन अन्य मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है, उनमें शैलेश कुमार, जय कुमार सिंह, संतोष कुमार निराला, रामनारायण मंडल, विजय कुमार सिन्हा एवं बृजकिशोर बिंद हैं। इस चरण में 375 प्रत्याशी करोड़पति हैं। यानी प्रत्येक तीसरा प्रत्याशी करोड़पति है। इनमें सबसे ज्यादा 41 में से 39 प्रत्याशी राजद के हैं। Anant Singh सबसे अमीर हैं। उनके पास 68 करोड़ से अधिक की संपत्ति है।
इमामगंज में मांझी की प्रतिष्ठा दांव पर
सबसे दिलचस्प मुकाबला इमामगंज सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री Jitan Ram Manjhi और पूर्व स्पीकर उदय नारायण चौधरी के बीच होना है। मांझी अपनी पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और उदय नारायण चौधरी राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर मैदान में हैं।
मोकामा में अनंत सिंह पर रहेगी खास नजर
पहले चरण के मतदान के दौरान मोकामा विधानसभा क्षेत्र पर खास नजर रहेगी। यहां से बाहुबली Anant Singh मैदान में हैं। अनंत सिंह पहले जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष व मुख्यमंत्री Nitish Kumar के करीबी माने जाते थे। वे JDU के विधायक भी थे। लेकिन Nitish Kumar के महागठबंधन में शामिल होने के दौर में RJD सुप्रीमो Lalu Prasad Yadav के विरोध के कारण उन्हें पार्टी से बाहर जाना पड़ा। फिर, उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और मोकामा के विधायक बने। करवट बदलती राजनीति में अब वे Lalu Prasad Yadav के साथ हैं। वे मोकामा से RJD के प्रत्याशी हैं। बाहुबली नेता लोक जनशक्ति पार्टी से इस्तीफा देकर तरारी सीट से निर्दलीय लड़ रहे सुनील पांडेय का दम भी देखा जाएगा।

