A320 aircraft

A320 विमान क्यों हो रहे हैं ग्राउंड? आपकी उड़ान पर कितना असर पड़ेगा, यहां जानिए पूरी जानकारी

एयरबस A320 विमानों में सोलर रेडिएशन से फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम गड़बड़ होने का खतरा सामने आया है, जिसके चलते दुनिया भर में 6,000 विमान सॉफ्टवेयर अपडेट के लिए तैयार किए जा रहे हैं. भारत में इंडिगो और एअर इंडिया की उड़ानों में देरी की आशंका है. जानिए इस तकनीकी समस्या का आपकी यात्रा पर क्या असर पड़ सकता है.
दुनिया की सबसे ज्यादा उड़ने वाली एयरबस A320 सीरीज के विमानों में एक बड़ी तकनीकी खामी सामने आई है जो सीधे उड़ान सुरक्षा से जुड़ी है. सोलर रेडिएशन यानी सूरज से आने वाली तेज ऊर्जा ने इन विमानों के फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम को प्रभावित करने का खतरा पैदा कर दिया है. इसके बाद एयरबस ने दुनिया भर की एयरलाइंस को तुरंत सॉफ्टवेयर अपडेट करने का आदेश दिया है.

साथ ही आदेश में कहा गया है कि जरूरत होने पर हार्डवेयर रिप्लेस करें और तब तक सावधानी बरतें जब तक पूरा अपग्रेड नहीं हो जाता. यह एयरबस के 55 साल के इतिहास में सबसे बड़ा रिकॉल ऑपरेशन कहा जा रहा है. करीब 6000 फ्लाइट्स पर इसका सीधा असर पड़ेगा. असर भारत में भी दिखने लगा है. इंडिगो, एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों में देरी देखने को मिल रही है.

क्या हुआ है एयरबस A320 में, कैसे पकड़ी गई गड़बड़ी?
एयरबस A320 दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला सिंगल-आइल विमान है. लेकिन अब इसमें एक गंभीर समस्या का पता चला है. सोलर रेडिएशन फ्लाइट कंट्रोल डेटा को खराब कर सकता है. 30 अक्टूबर 2025 को यह दिक्कत पहली बार नोटिस हुई. नेवार्क जा रही एक A320 उड़ान अचानक नीचे की ओर झुकने लगी. बताया गया कि कंट्रोल स्विच बदलने के दौरान फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर ने गलत डेटा पढ़ लिया.

फ्लाइट को तुरंत इमरजेंसी में टैम्पा एयरपोर्ट डायवर्ट करना पड़ा. कुछ यात्रियों को चोट आई और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा. इस घटना के बाद एयरबस ने पूरी जांच के बाद माना कि तेज सोलर रेडिएशन फ्लाइट कंट्रोल डेटा को डिस्टर्ब कर सकता है, खासकर उड़ान की ऊंचाई, दिशा और स्थिरता से जुड़े डेटा को.

सोलर रेडिएशन आखिर कैसे उड़ानें बिगाड़ देता है?
सूर्य कभी-कभी अंतरिक्ष में तेजी से प्लाज्मा और चार्ज्ड पार्टिकल्स फेंकता है. इसे कोरोनल मास इजेक्शन (CME) कहते हैं. ये कण जब पृथ्वी के वायुमंडल में घुसते हैं तो 28,000 फीट तक ऊंचाई पर सैटेलाइट सिस्टम, नेविगेशन और फ्लाइट कंट्रोल इलेक्ट्रॉनिक्स को प्रभावित कर सकते हैं. 2003 में भी ऐसा मामला सामने आया था जब LANew York रूट की उड़ानों में नेविगेशन दिक्कतें आई थीं.

भारत पर कितना असर पड़ेगा?
भारत में A320 सीरीज सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाती है, खासकर IndiGo जो कि दुनिया की सबसे बड़ी A320 ऑपरेटर है. इसके बाद Air India और Air India Express पर भी इसका असर होगा. PTI के मुताबिक फिलहाल कोई फ्लाइट रद्द नहीं हुई, लेकिन कई उड़ानों में 60 से 90 मिनट तक की देरी देखी जा रही है.

इंडिगो ने भी बयान जारी कर कहा है कि हम सभी सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं. सावधानी वाले अपडेट जारी है. कुछ फ्लाइट्स के शेड्यूल में हल्का बदलाव हो सकता है. वहीं एयर इंडिया ने अपने बयान में कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. हमारे 40% विमानों में अपग्रेड हो चुका है. कोई उड़ान रद्द नहीं हुई है, लेकिन देरी संभव है.

आप पर इसका कितना असर पड़ेगा?
यह आने वाले 23 दिनों में यात्रियों पर असर डाल सकता है.
फ्लाइट में लेट-लतीफी हो सकती है
कई विमान सॉफ्टवेयर अपडेट के लिए जमीन पर होंगे.
शेड्यूल बदल सकते हैं
आपकी उड़ान का टाइम आगे-पीछे हो सकता है.
भारत सबसे ज्यादा प्रभावित होगा क्योंकि इंडिगो और एअर इंडिया के पास बड़ी संख्या में A320 विमान हैं.
एयरपोर्ट जाने से पहले फ्लाइट स्टेटस जरूर चेक करें
अचानक बदलाव से बचने के लिए बेहतर है कि आप निकलने से पहले मोबाइल पर फ्लाइट टाइम री-चेक करें.

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