क्या देश में लॉकडाउन फिर से लगने वाला है? ईरान के साथ छिड़ी जंग के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक मैसेज में कुछ ऐसा ही दावा किया जा रहा है. ‘WAR LOCKDOWN NOTICE ‘ नाम से एक पीडीएफ को शेयर किया जा रहा है. देखने में यह एक इमरजेंसी चेतावनी जैसा नजर आ रही है. अशोक चक्र चिन्ह वाले इस डॉक्यूमेंट को ऐसे डिजाइन किया गया है, मानो यह कोई सरकारी नोटिस हो, लेकिन जब लोगों ने इसे खोला तो सच्चाई एकदम उलट नजर आई.
लॉकडाउन के वायरल नोटिस में क्या था?
वायरल हो रहे इस डॉक्यूमेंट के ‘सरकारी आदेश’ जैसा लगने से लोगों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें छा गईं. इस पीडीएफ में सुझाव दिया गया कि युद्ध से संबंधित लॉकडाउन लागू किया गया है और फौरन सावधानी बरतने की अपील की गई. पहली नजर में यह नोटिस इतना विश्वसनीय लग रहा था कि यूजर्स इसे बिना देखे समझे आंख मूंदकर फॉरवर्ड करने लगे.
वायरल नोटिस का क्या सच?
इस डॉक्यूमेंट को जब आप खोलेंगे तो इसका सच निकलकर सामने आ जाएगा. पता चलता है कि सरकार की ओर से कोई आधिकारिक चेतावनी जारी नहीं की है बल्कि इसमें एक साधारण ‘अप्रैल फूल’ का मैसेज और एक इमोजी था. जिससे पता चला कि यह केवल एक मजाक था. सच्चाई जानकर लोग दंग रह गए, जिन्होंने इसे घबराहट में आकर बिना देखे ही इसे शेयर कर दिया था.
इसको शेयर करने में 1 अप्रैल की तारीख अहम वजह है. दरअसल यह मैसेज ‘अप्रैल फूल डे’ के दिन शेयर किया गया. इस दिन सोशल मीडिया पर ज्यादातर लोग इस तरह की भ्रामक पोस्ट शेयर करते हैं. बता दें कि युद्ध से संबंधित लॉकडाउन को लेकर सरकार की ओर से कोई घोषणा नहीं की गई है. बल्कि बीते दिनों सरकार की तरफ से साफ साफ कहा गया कि देश में किसी भी तरह के लॉकडाउन को लेकर किसी तरह का प्रस्ताव या विचार नहीं है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह पोस्ट मजाक है, और इसे भ्रामक ही समझा जाए. इसे अप्रैल फूल डे पर प्रसारित किया गया है. जिसकी भाषा और लेआउट को देखकर लोग इसे असल समझ बैठे.

