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व्हाइट हाउस में सीक्रेट मीटिंग के खुले राज,ईरान पर हमला करने के लिए अमेरिका को उकसा रहा सऊदी अरब?

दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका की ओर से ईरान के ऊपर संभावित हमले को लेकर मिडिल ईस्ट की राजनीति में खींचतान जारी है. इस घटनाक्रम में सऊदी अरब पर्दे के पीछे रहकर अपनी रणनीति पर काम कर रहा है और अमेरिका को ईरान पर सैन्य कार्रवाई करने के लिए उकसा रहा है.

एक्सियोस ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा कि वाशिंगटन डीसी में सऊदी अरब के रक्षामंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान (KBS) ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, व्हाइट हाउस के विशेष राजदूत स्टीव विटकॉफ और जॉइट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन कैन की मौजूदगी में एक बेहद अहम बैठक की.

इस बैठक में मुख्य उद्देश्य ईरान पर अमेरिका की ओर से संभावित अमेरिकी हमले और उससे होने वाले क्षेत्रीय प्रभावों को लेकर चर्चा करना था. रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान (KBS) ने कहा कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान की दी गई अपनी धमकियों पर अमल नहीं करते हैं, तो इससे ईरानी शासन का हौसला और बढ़ेगा. इसके अलावा, ईरान और ज्यादा मजबूत होकर उभरेगा.

ईरान पर US की संभावित कार्रवाई को लेकर सऊदी का बदला रुख

सऊदी के रक्षा मंत्री की ओर से यह बड़ा बयान सार्वजनिक रूप से सऊदी अरब के अब तक के रुख से पूरी तरह से उलट माना जा रहा है क्योंकि अब तक रियाद खुले तौर पर तनाव बढ़ने के खिलाफ चेतावनी देता रहा था. इसके अलावा, यह बयान सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) की उस गहरी चिंता के भी बिल्कुल उलट है, जो उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ तीन हफ्ते पहले बातचीत के दौरान जताई थी. यह बात भी दिलचस्प है कि सऊदी की ओर से दी गई चेतावनी के चलते ही ट्रंप ने ईरान में अपने संभावित सैन्य हमले को पहले टालने का फैसला किया था.

ट्रंप की धमकी पर क्या था ईरान का जवाब?

दरअसल, सऊदी अरब का यह रुख और भी ज्यादा इसलिए अहम हो जाता है कि क्योंकि KBS सऊदी क्राउन प्रिंह मोहम्मद बिन सलमान के छोटे भाई होने के साथ-साथ उनके सबसे करीबी विश्वासी लोगों में से एक माने जाते हैं. जो इस वक्त अमेरिका के दौरे पर हैं और ऐसे समय में ईरान को लेकर अमेरिकी प्रशासन के साथ गंभीर बातचीत कर रहे हैं, जब पश्चिमी एशिया संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर पहले से तनाव में है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सैन्य कार्रवाई की धमकी दिए जाने के बाद ईरान ने भी करारा जवाब दिया है. ईरान पहले ही यह कह चुका है कि वो किसी भी तरह के हमले का जवाब बेजोड़ देगा.

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