क्या फर्जी है तेजस्वी यादव का दूसरा EPIC नंबर? आरोपों पर EC ने दिखाया आईना

बिहार में चुनाव आयोग की विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) पर सवाल उठाने वाले आरजेडी नेता तेजस्वी यादव खुद दो अलग-अलग EPIC नंबरों को लेकर सवालों के घेरे में आ गए हैं. चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, उनके एक EPIC नंबर (RAB0456228) की पुष्टि हुई है, जबकि दूसरे (RAB2916120) के अस्तित्व पर सवाल उठ रहे हैं. फिलहाल यह मामला बिहार चुनावों में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बनता हुआ नजर आ रहा है.

बिहार में चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले आरजेडी नेता तेजस्वी यादव खुद के इलेक्टोरल फोटो आइडेंटिटी कार्ड (EPIC) नंबर को लेकर सवालों के घेरे में आ गए हैं. चुनाव आयोग की ओर से जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के साथ-साथ एक अहम जानकारी यह सामने आई है कि तेजस्वी यादव के नाम से एक नहीं बल्कि दो एपिक नंबर हैं. दोनों EPIC नंबर भी सामने आए हैं जिसमें पहला RAB0456228 है जबकि दूसरा RAB2916120 है. अब सवाल ये उठ रहा है कि आखिर एक ही शख्स के नाम से दो एपिक नंबर कैसे हो सकते हैं?

तेजस्वी यादव के एपिक नंबर पर चुनाव आयोग के सूत्रों ने जो जानकारी दी है वो काफी हैरान करने वाली है. चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया है कि तेजस्वी यादव ने 2020 में अपने नामांकन पत्र में हलफनामे के रूप में EPIC संख्या RAB0456228 वाली मतदाता सूची का इस्तेमाल किया था. इसका मतलब ये है कि तेजस्वी यादव का ये एपिक नंबर अस्तित्व में है. 1 अगस्त को SIR के अनुसार प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में उनका नाम भी मौजूद है.

दूसरा EPIC नंबर अस्तित्वहीन पाया गया

चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा है कि जांच में यह पाया गया है कि 2015 की मतदाता सूची में भी उनके पास यह (RAB0456228) EPIC संख्या थी. इसी EPIC संख्या के साथ उनका नाम मसौदा मतदाता सूची में भी मौजूद है. EC के सूत्रों ने कहा है कि तेजस्वी यादव का दूसरा EPIC संख्या (RAB2916120) अस्तित्वहीन पाया गया है. इसका मतलब ये कि ये नंबर इस्तेमाल में नहीं है. इसकी पड़ताल के लिए चुनाव आयोग की ओर से 10 साल से भी पुराने रिकॉर्ड की जांच की गई है, लेकिन दूसरे PIC संख्या के लिए अभी तक कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है.

ईसी सूत्रों का कहना है कि इसकी संभावना ज्यादा है कि तेजस्वी यादव का दूसरा EPIC कभी भी आधिकारिक माध्यम से नहीं बनाया गया था. ऐसा इसलिए क्योंकि अगर आधिकारिक माध्यम का इस्तेमाल किया गया होता तो चुनाव आयोग के पास उसका डाटा जरूर होता. फिलहाल चुनाव आयोग तेजस्वी यादव के दूसरे EPIC नंबर की सच्चाई जानने के लिए आगे की जांच कर रहा है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या वह जाली दस्तावेज तो नहीं है. यह भी बताया गया है कि चुनाव आयोग के अब तक की छानबीन में 2014 का मतदाता पहचान पत्र अस्तित्वहीन पाया गया है.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, तेजस्वी यादव की ओर से जो EPIC नंबर और वोटर आई कार्ड नंबर दिया गया है वह RAB2916120 है, जबकि चुनाव आयोग और पटना निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी की ओर से जो जारी किया गया है उसका EPIC नंबर RAB0456228 है. दोनों तेजस्वी यादव के ही है लेकिन नंबर अलग-अलग हैं. जैसे ही दो नंबर सामने आए सवाल उठने शुरू हो गए.

अब सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि एक ही राज्य में एक ही शख्स के नाम से दो EPIC नंबर पाया जाना असंभव जैसा है. ऐसा इसलिए क्योंकि सामान्यतः चुनाव आयोग किसी मतदाता का EPIC नंबर नहीं बदलता है. EPIC नंबर हर वोटर के लिए एक यूनिक पहचान की तरह होता है. यहां तक कि नाम में संशोधन, पता या अन्य विस्तार अपडेट करने पर भी वोटर आईडी कार्ड में EPIC नंबर वही रहता है. ऐसा भी नहीं है कि EPIC नंबर में बदलाव नहीं हो सकता है, हो तो सकता है लेकिन इसके लिए मतदाता की ओर से बकायदा आवेदन दिया जाता है.

कब बदल सकते हैं EPIC नंबर?

सामान्य रूप से EPIC नंबर में बदलाव तभी हो सकता है अगर सिस्टम में डुप्लीकेट EPIC नंबर जारी हो गए हों या फिर कोई गंभीर क्लेरिकल (clerical) या तकनीकी गलती हो गई हो. EPIC नंबर का बदलाव इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) प्रशासनिक तर्ज पर करता है न कि उम्मीदवार या चुनाव के डायरेक्शन से होता है. मतलब अगर आपका नंबर बदलना जरूरी समझा गया तो इसकी प्रक्रिया एडमिनिस्ट्रेटिव रेक्टिफिकेशन के तहत होगी. इसके लिए एल लंबे प्रोसेस से गुजरना पड़ता है. यह प्रक्रिया स्थानीय ERO के माध्यम से ही होती है, चुनाव आयोग सीधे यह प्रक्रिया व्यक्तिगत स्तर पर नहीं करता.

क्या होता है EPIC नंबर?

ये हम सभी जानते हैं कि चुनाव आयोग देश के सभी रजिस्टर्ड मतदाताओं को एक विशिष्ट पहचान संख्या उपलब्ध कराता है. यह संख्या वोटर आईडी कार्ड पर छपी रहती है. उसे ही वोटर आईडी या एपिक नंबर कहते हैं. एपिक नंबर यह साबित करता है कि शख्स भारत का एक रजिस्टर्ड मतदाता है. चुनाव के दौरान अपना मत डालने के लिए एपिक मतदाता सूची में मौजूद होना चाहिए.

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