प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जनवरी को देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलेगी और 18 जनवरी से इसकी नियमित सेवा शुरू हो जाएगी. यह लंबी दूरी के यात्रियों के लिए तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर का नया विकल्प बनेगी.
सुविधाओं से लैस है वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा से कामाख्या के बीच रोजाना चलेगी. इसमें स्लीपर के साथ एसी फर्स्ट क्लास, एसी सेकंड क्लास और एसी थर्ड क्लास कोच लगाए गए हैं, ताकि यात्रियों को अपनी जरूरत के हिसाब से सुविधा मिल सके.
भारतीय संस्कृति से प्रेरित इंटीरियर
इस ट्रेन का अंदरूनी डिजाइन भारतीय संस्कृति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. कोच के अंदर आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर रोशनी और आरामदायक लेआउट दिया गया है, जिससे यात्रियों को लंबी यात्रा में भी सुविधा मिले.
सुरक्षा के लिए एडवांस सिस्टम
यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेन में ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है. इसके अलावा इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट, ड्राइवर के केबिन में आधुनिक कंट्रोल सिस्टम और बेहतर निगरानी व्यवस्था भी दी गई है.
स्वच्छता के लिए नई तकनीक
ट्रेन में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए खास कीटाणुनाशक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इससे कोच के अंदर स्वच्छ और सुरक्षित माहौल बना रहेगा. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का बाहरी डिजाइन ऐसा है कि यह हवा को कम रुकावट के साथ चीरते हुए तेज गति से चल सके. इसके दरवाजे ऑटोमेटिक हैं, जो जरूरत के मुताबिक खुद खुलते और बंद होते हैं.
मालदा में दिखाई हरी झंडी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जनवरी को दोपहर करीब 12:45 बजे पश्चिम बंगाल के मालदा पहुंचे. यहां मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से उन्होंने हावड़ा-गुवाहाटी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
असम में करेंगे बड़े प्रोजेक्ट का शुभारंभ
18 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी असम के नगांव जिले के कालियाबोर पहुंचेंगे. यहां वे करीब 6,950 करोड़ रुपये की लागत वाले काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट का भूमि पूजन करेंगे. 86 किलोमीटर लंबा काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर एक पर्यावरण के प्रति संवेदनशील नेशनल हाईवे परियोजना है. इसमें 35 किलोमीटर का एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर काजीरंगा नेशनल पार्क से होकर गुजरेगा. इसके अलावा 21 किलोमीटर का बाईपास और एनएच-715 के मौजूदा हिस्से को दो लेन से बढ़ाकर चार लेन किया जाएगा.

