Bihar Politics: अल्पसंख्यक JDU को नहीं देते वोट, ललन सिंह के बयान के क्या हैं मायने? वक्फ बिल पर पहले ही दे चुके अपनी राय

Muzaffarpur News: केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के दिग्गज नेता ललन सिंह पहले ही अल्पसंख्यक समाज के लोगों को लेकर बड़ा बयान दिया है. ललन सिंह के बयान को अब नीतीश कुमार की आने वाली पॉलिटिक्स से भी जोड़कर देखा जा रहा है. अब सवाल यह है कि ललन सिंह के इस बयान के क्या मायने हैं?

बिहार के मुजफ्फरपुर के लंगट सिंह कॉलेज परिसर में आयोजित जदयू कार्यकर्त्ता सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय मंत्री व जदयू के कद्दावर नेता राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने मंच से बोलते हुए अल्पसंख्यक समाज को लेकर बड़ा बयान दे दिया है. ललन सिंह ने सीधे तौर पर कह दिया कि अल्पसंख्यक समाज के लोग जदयू को वोट नहीं देते है.

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने मंच से बोलते हुए कहा कि बिहार में लालू राबड़ी जी के राज में अल्पसंख्यक की क्या स्थिति थी. मदरसा शिक्षकों को महज 3-4 हजार सैलरी मिलती थी. लेकिन, नीतीश राज में सातवें वेतन आयोग तक का लाभ मिल रहा है. लेकिन, अल्पसंख्यक समाज जदयू को वोट नहीं करता, गलत फहमी मत पालिए, हम मुगालते में नहीं है कि पहले नहीं देते थे, अब देते है. अल्पसंख्यक समाज के लोग कभी वोट नहीं करते है. लेकिन, सीएम नीतीश सबके बारे में सोंचते है.

ललन सिंह ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार कहते हैं कि जिसको जहां वोट देना है देने दीजिए. हम सरकार में है सबके लिए काम करेंगे. वहीं ललन सिंह ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज के लोग उन्हें वोट देते है जिन्होंने आजतक अल्पसंख्यक समाज के लिए कुछ नहीं किया. वहीं ललन सिंह ने अति पिछड़ा वर्ग के लोगो को कहा कि सीएम नीतीश ने अति पिछड़ा वर्ग को जोड़ने का काम किया. आज कुछ लोग आपको जाति में बांट रहे है, सावधान रहिएगा.

ललन सिंह के बयान के क्या है मायने?

अब ऐसे में ललन सिंह के इस बड़े बयान के कई मनाए निकाले जा रहे हैं. दरअसल बिहार में जेडीयू का बीजेपी के साथ गठबंधन है और हाल में झारखंड और महाराष्ट्र चुनाव में बीजेपी ने जिस तरह हिंदुत्व के नाम वोट मांगे हैं. उससे साफ पता चलता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी इसी एजेंडे पर चुनाव में उतरेगी. अब ऐसे में बीजेपी की बड़ी सहयोगी जेडीयू भी मान चुकी है, एनडीए के इस एजेंडे के साथ उन्हें अल्पसंख्यकों का वोट मिलने ही कम ही संभावना है. ऐसे में जेडीयू अब अपने सहयोगी बीजेपी के लाइन पर ही आगे बढ़ सकती है. वहीं ललन सिंह जदयू ने बीते दिनों भी वक्फ बिल को अपना समर्थन देते हुए कहा था कि यह बिल मुस्लिम विरोधी नहीं है. अब ऐसे में लोकसभा में वक्फ बिल पर जेडीयू का भी समर्थन मिलना तय है.

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