Lockdown In India Fact Check: मिडिल ईस्ट में जारी जंग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद से भारत में संभावित लॉकडाउन को लेकर लोग खूब ऑनलाइन सर्च कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर ये दावा फैलने लगा है कि वेस्ट एशिया संकट पर संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कोविड-19 जैसे लॉकडाउन का संकेत दिया. लोकसभा और राज्यसभा में पीएम मोदी के दिए भाषणों से साफ पता चलता है कि ये दावा भ्रामक है.
इंटरनेट पर क्या सर्च कर रहे लोग
कई पोस्ट और ऑनलाइन बातचीत में ये सुझाव दिया गया कि पीएम मोदी ने संघर्ष को लेकर वैश्विक प्रभाव के बारे में बात करते हुए लॉकडाउन की संभावना का जिक्र किया. इससे इंटरनेट पर “भारत में फिर से लॉकडाउन”, “लॉकडाउन समाचार” और “क्या भारत में लॉकडाउन वापस आ रहा है?” जैसी चीजें लोग सर्च करने लगे.
सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक
वैश्विक संकट, भारत की अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन को लेकर चर्चा करने के लिए मोदी सरकार द्वारा सर्वदलीय बैठक की घोषणा करने के बाद अटकलें और तेज हो गईं. इस सप्ताह की शुरुआत में लोकसभा और राज्यसभा में अपने भाषणों में पीएम मोदी ने कोविड-19 महामारी का जिक्र तो किया, लेकिन केवल इस उदाहरण के तौर पर कि वैश्विक संकट से देश कैसे निपटा.
क्या कहा था पीएम मोदी ने?
मिडिल ईस्ट के हालात पर संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने पहले भी कोविड काल के दौरान बड़ी मुसीबतों का सामना किया है और कठिन समय में राष्ट्रीय एकता के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने नागरिकों से “तैयार और एकजुट रहने” की अपील की, जैसा कि वे कोविड-19 महामारी के दौरान एकजुट रहे. इसके अलावा पीएम मोदी ने ये भी कहा कि युद्ध के कारण होने वाली वैश्विक बाधाओं के दीर्घकालिक आर्थिक परिणाम हो सकते हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि हम देख सकते हैं कि इस युद्ध की स्थिति पल-पल बदल रही है. इसलिए मैं अपने देशवासियों से यह कहना चाहूंगा कि हमें हर चुनौती के लिए तैयार रहना चाहिए. इस बात की प्रबल संभावना है कि इस युद्ध के प्रभाव लंबे समय तक बने रहेंगे, लेकिन मैं देश की जनता को आश्वस्त करता हूं कि सरकार सतर्क, तैयार है और पूरी गंभीरता से रणनीति पर काम कर रही है और सभी आवश्यक फैसले ले रही है.

