पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्र सरकार के मंत्री किरण रिजिजू ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में चुनाव को “हाइजैक” करने की कोशिश हो रही है. इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को चुनाव आयोग (ECI) को एक विस्तृत याचिका सौंपी.
निर्वाचन सदन में चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात के बाद रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमने चुनाव आयोग को एक याचिका सौंपी है. यह बहुत गंभीर याचिका है… खासकर पश्चिम बंगाल में चुनाव को पूरी तरह हाइजैक करने, लोकतंत्र पर कब्जा करने और लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की कोशिश हो रही है.”
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में डर और दबाव का माहौल बनाया जा रहा है. रिजिजू ने कहा, “मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस द्वारा पश्चिम बंगाल में डर और धमकी का जो माहौल बनाया गया है… मुख्यमंत्री खुद घर-घर जाकर मतदाताओं को धमका रही हैं कि जो BJP को वोट देगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा.”
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में डर और दबाव का माहौल बनाया जा रहा है. रिजिजू ने कहा, “मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस द्वारा पश्चिम बंगाल में डर और धमकी का जो माहौल बनाया गया है… मुख्यमंत्री खुद घर-घर जाकर मतदाताओं को धमका रही हैं कि जो BJP को वोट देगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा.”
रिजिजू ने प्रशासन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया. उनके मुताबिक, “पश्चिम बंगाल में वरिष्ठ से लेकर निचले स्तर तक के अधिकारी TMC कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं… लोगों को उनके घरों के अंदर तक डराया जा रहा है.”
उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की कि इस बार “दबंगई और डर” की राजनीति दोहराई न जाए. उन्होंने कहा, “चुनाव लोगों के लिए अपनी इच्छा से वोट देने का मौका होता है… यह अधिकार कोई नहीं छीन सकता.”
चुनाव आयोग ने BJP की चिंताओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. रिजिजू के अनुसार, आयोग ने भरोसा दिलाया है कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
बता दें कि 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा, जबकि नतीजे 4 मई को आएंगे. इस बार का चुनाव न सिर्फ सियासी, बल्कि लोकतांत्रिक विश्वसनीयता की भी बड़ी परीक्षा माना जा रहा है.

