पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने बड़ा ऐलान किया है। उनकी नवगठित जनता उन्नयन पार्टी 182 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। साथ ही उन्होंने आईएसएफ और एआईएमआईएम से गठबंधन की संभावना जताई.
पश्चिम बंगाल की सियासत में विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। निलंबित तृणमूल कांग्रेस नेता और भरतपुर से विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनकी नवगठित जनता उन्नयन पार्टी राज्य की 182 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने साफ किया कि उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से दूर रखना है।
मीडिया से बातचीत में हुमायूं कबीर ने बताया कि वे इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के साथ संभावित चुनावी गठबंधन को लेकर बातचीत के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आईएसएफ की ओर से अभी तक किसी तरह का आधिकारिक जवाब नहीं मिला है। कबीर ने कहा कि यदि एआईएमआईएम गठबंधन में शामिल होना चाहती है तो उनकी पार्टी उसका स्वागत करेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले हुमायूं कबीर ने 294 विधानसभा सीटों में से 135 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही थी और कम से कम 90 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा था। लेकिन अब रणनीति में बदलाव करते हुए उन्होंने 182 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। उनका दावा है कि आने वाले चुनाव नतीजों में उनकी पार्टी सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कबीर ने कहा कि जो लोग उन्हें गद्दार बता रहे हैं, वही लोग वर्षों से मुस्लिम समाज को धोखा देते आए हैं। उन्होंने वक्फ एक्ट का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर भी समुदाय को गुमराह किया गया और भरोसा दिलाकर अकेला छोड़ दिया गया।
अपनी चुनावी रणनीति को लेकर उन्होंने कहा कि 182 सीटों पर लड़ने के बाद जो नतीजे सामने आएंगे, वे सबको चौंकाने वाले होंगे। उनके मुताबिक, ऐसा परिणाम होगा जो अब तक बड़े-बड़े अनुभवी नेता भी हासिल नहीं कर सके। हालांकि, सीटों के बंटवारे को लेकर उन्होंने अभी कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। कबीर ने कहा कि 31 दिसंबर तक गठबंधन से जुड़ी बातचीत का इंतजार किया जाएगा, उसके बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। उन्होंने यह भी बताया कि वे रोजाना तीन विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार करेंगे और समय बचाने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करेंगे।
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कबीर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी को भी पार्टी बनाने का अधिकार है, लेकिन अंतिम फैसला जनता करती है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि हुमायूं कबीर 2019 में भाजपा में शामिल हो चुके हैं और राजनीति में धार्मिक मुद्दों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।

