मिडिल ईस्ट में जारी जंग की वजह से 1 अप्रैल 2026 से हवाई किराया फिर से महंगा हो सकता है. भारत में ATF की कीमत फरवरी में ₹91 प्रति लीटर थी. मार्च में बढ़कर ₹97 प्रति लीटर हो गई यानी एक महीने में ₹6 प्रति लीटर की छलांग. एक बड़ा विमान दिल्ली से मुंबई जाने में करीब 6,000 लीटर ईंधन जलाता है मतलब सिर्फ एक फ्लाइट पर ₹36,000 का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया.
1 अप्रैल से बढ़ सकता है हवाई किराया
अगर सरकारी तेल कंपनियां अप्रैल से वैश्विक कीमतों के हिसाब से दाम तय करें तो ATF की हिस्सेदारी एयरलाइन की लागत में 80 फीसदी तक पहुंच सकती है. खुद एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा है कि ATF की कीमतें हर महीने की पहली तारीख को तय होती हैं और इसका असर 1 अप्रैल 2026 से दिखेगा. इसके ऊपर एक और मार ईरान के एयरस्पेस से बचने के लिए एयरलाइंस को लंबे रूट लेने पड़ रहे हैं. लंबा रूट मतलब ज्यादा ईंधन ज्यादा खर्च और वो खर्च आखिर में यात्री की जेब से निकलता है.
IndiGo ने 14 मार्च से सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टिकटों पर रूट के हिसाब से ₹425 से ₹2,300 प्रति सीट फ्यूल सरचार्ज लगाया. Air India और Air India Express ने 12 मार्च से घरेलू टिकटों पर ₹399 का फ्यूल सरचार्ज लागू किया. Akasa Air ने भी 15 मार्च से अपना सरचार्ज जोड़ा. Air India ने साफ कहा अगर यह सरचार्ज नहीं होता तो कुछ फ्लाइटें ऑपरेट करना ही संभव नहीं रहता.
फ्यूल सरचार्ज लागू होने से पहले ही बढ़ा था किराया
सरकार ने दिसंबर 2025 में IndiGo संकट के दौरान घरेलू किराए पर सीमा लगाई थी. 500 किलोमीटर तक के रूट पर ₹7,500, दिल्ली-मुंबई जैसे मध्यम दूरी के रूट पर ₹15,000 और लंबे रूट पर ₹18,000 से ज्यादा किराया नहीं लिया जा सकता था. यह कैप 23 मार्च 2026 से हटा दी गई. सरकार ने कहा कि IndiGo संकट के बाद अब हालात सामान्य हो गए हैं और capacity बहाल हो चुकी है. अब किराए की कोई छत नहीं है हालांकि मंत्रालय ने एयरलाइंस को चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की अनुचित और अत्यधिक बढ़ोतरी को गंभीरता से लिया जाएगा.

