‘बिहार के बाद NDA अब इन दो राज्यों में बनाएगी सरकार,’ अमित शाह ने अभी से कर दिया बड़ा ऐलान
बिहार के बाद NDA अब इन दो राज्यों में बनाएगी सरकार
बिहार के बाद NDA अब इन दो राज्यों में बनाएगी सरकार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भले ही एक भी सीट न जीती हो, लेकिन 35 विधानसभा क्षेत्रों में उसके वोट जीत के अंतर से ज्यादा रहे। इन सीटों पर JSP की मौजूदगी ने मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया और एनडीए से लेकर महागठबंधन तक सभी दलों के समीकरण बदल
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा का कहना है कि बिहार चुनाव के परिणाम से कोई खुश नहीं है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की वजह से ऐसा हुआ है. वाड्रा ने कहा कि दोबारा से चुनाव कराए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि दोबारा विधानसभा चुनाव होगा, तो चुनाव परिणाम पलट जाएगा.
बिहार चुनाव परिणाम के बाद लालू परिवार में कलह सुर्खियों में है. रोहिणी आचार्य ने हार के बाद गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे पारिवारिक फूट सार्वजनिक हो गई है. यह पहली बार नहीं है. इससे पहले तेजप्रताप-ऐश्वर्या विवाद और तेजप्रताप की पार्टी से बगावत भी सुर्खियों में रही है. बिहार चुनाव परिणाम के बाद जितनी
बिहार चुनाव में ओवैसी ने अपनी पार्टी के लिए जमकर चुनाव प्रचार किया। शहर, गांवों, नक्कड़ पर जनसभाएं कीं और एनडीए, राजद सहित महागठबंधन को अपने निशाने पर लिया। अपनी रैलियों ने उन्होंने सीमांचल के पिछड़ेपन, वहां की गरीबी, बेरोजगारी, पलायन, स्वास्थ्य और शिक्षा को मुद्दा बनाया। ओवैसी ने बताया कि विकास के सभी मानकों
प्रशांत किशोर ने पहले दावा किया था कि उनकी पार्टी 150 सीट जीतेगी, लेकिन बाद में कहा कि सीटों की संख्या में या तो पार्टी टॉप पर होगी या सबसे निचले पायदान पर। पार्टी जोरदार प्रचार अभियान और बेरोजगारी, पलायन और उद्योगों की कमी जैसे ज्वलंत मुद्दों को उठाने के बावजूद वोट जुटाने में विफल
पीके ने जद (यू) को लेकर भविष्यवाणी की थी कि नीतीश कुमार की पार्टी 25 सीटें से ज्यादा नहीं जीतेगी। किशोर की अपनी पार्टी के लिए राह बेहद कठिन साबित हुई। जन सुराज पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी। क्या रहे हार के कारण, जानिए। देश के कई राजनीतिक दलों की सफलता में भूमिका
Bihar Chunav Results 2025: बिहार चुनाव में NDA भारी बहुमत की ओर बढ़ रहा है, जबकि महागठबंधन 35 सीटों पर सिमट गया. BSP ने बिना रैली और बिना खर्च के 1.59% वोट हासिल कर 57 सीटों पर RJD के वोट काटे. मायावती का शांत लेकिन प्रभावी वोट- बैंक महागठबंधन के लिए नुकसानदायक साबित हुआ. बिहार
बिना एक रुपए खर्च किए मायावती ने कैसे महागठबंधन को नुकसान पहुंचाया ? Read More »
बाढ़ विधानसभा का इतिहास इस बार बदलता दिख रहा है, जहाँ दशकों से एनडीए के मजबूत किले को स्थानीय नेता कर्णवीर ने अपने प्रभाव से कमजोर कर ही दिया था वहीँ सीएम इन वेटिंग तेजस्वी यादव की जनसभा में उमड़ी अपार भीड़ ने यहाँ की लड़ाई को एकतरफा महागठबंधन के पाले में मोड़ दिया है.
जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है, प्रशाशन की बौखलाहट और महागठबंधना के नेताओं को परेशान करने के लिए मुस्तदी बढ़ गयी है. मामला है पटना जिले की विधानसभा 179, बाढ़ का जहाँ तड़के ही गाड़ियों का काफिला महागठबंधन के प्रत्याशी कर्णवीर सिंह यादव का काफिला रोक कर गहन जांच करने लगा. मजेदार बात ये
प्रशाशन की बौखलाहट चरम पर, गहन जांच के नाम पर किया जनसंपर्क बाधित Read More »